भोपाल: करीब ढाई दशक पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले में फैसला आने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया।अदालत ने बुधवार को ही मामले में दोष सिद्ध मानते हुए फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद आज सजा का ऐलान किया गया। कोर्ट ने भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 सहित धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में दोषी पाया। इस मामले में बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी समान रूप से दोषी ठहराया गया है।
मामला वर्ष 1998 का है, जब दतिया के जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई गई थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष पद पर थे। जांच में वित्तीय अनियमितताओं और मिलीभगत के संकेत सामने आने के बाद यह मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा।अब सजा के ऐलान के साथ ही यह बहुचर्चित मामला अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसके असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
