सिंगरौली: जिले के खरखोली बीट में पदस्थ बीट गार्ड गणेश प्रसाद यादव पर आखिरकार वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन की गाज गिरा दी है। बताया जा रहा है कि बीट क्षेत्र में एक आदिवासी युवती के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में उनकी तस्वीरें सामने आई थीं, जिन्हें कुछ स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल से कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। तस्वीरों के वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
मले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण की अध्यक्ष सरस्वती सिंह ने इस घटना का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से वन विभाग और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषी बीट गार्ड पर कार्रवाई नहीं की गई, तो बीट खरखोली का घेराव किया जाएगा। इस बयान के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा और स्थानीय स्तर पर जनाक्रोश बढ़ गया।लगातार बढ़ते दबाव, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और राजनीतिक विरोध के बीच अंततः मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी कार्यालय से 31 मार्च 2026 को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। आदेश के अनुसार गणेश प्रसाद यादव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई जनदबाव और राजनीतिक विरोध के बाद संभव हो सकी। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की विभागीय जांच करा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
