
ग्वालियर। प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार करने पर डबरा नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ पर ईओडब्ल्यू में एफआईआर दर्ज की गई है। सीएमओ ने रिश्वत लेकर हितग्राहियों से उनके खाते में निर्धारित राशि से अधिक अनुदान राशि देकर शासन को 1 करोड़ 31 लाख 50 हजार रूपये की आर्थिक क्षति कारित की है।
ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता धर्मेन्द्र सिंह (हैप्पी ) पुत्र स्व. कश्मीर सिंह पार्षद वार्ड क्रमांक- 11 निवासी वार्ड नं. 11 दीदार कालोनी झांसी रोड डबरा द्वारा पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू ग्वालियर को प्रदीप भदौरिया तत्कालीन सीएमओ नगर पालिका परिषद डबरा द्वारा पीएम आवास योजना में 01 अप्रैल 23 से 30 अप्रैल 24 के बीच हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित 2.50 लाख रूपये के स्थान पर सांठगांठ कर कई हितग्राहियों के खातों में 3 लाख रूपये की राशि डालने और बिना जियो टैगिंग के हितग्राही से रूपये लेकर उनके खाते में राशि डालने के आरोप पर शिकायत की गई थी, जिसे ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल द्वारा शिकायत दर्ज किया जाकर सत्यापन हेतु इकाई ग्वालियर को प्रेषित की गई। जांच में पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रति हितग्राही कुल 2 लाख 50 हजार रू. की राशि तीन किश्तों में दी जानी निर्धारित है, इसके विपरीत आरोपियों ने 13 विशिष्ट हितग्राहियों के खातों में नियम विरूद्ध 3-3 लाख रूपये की राशि पोर्टल के माध्यम से डाली। जियो टैगिंग और प्रक्रियाओं की अनदेखी बिना अनिवार्य जियो टैगिंग और बिना नोटशीट संचालन के ही सीधे पीपीए जारी कर भुगतान कराया गया।
तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया ने संविदा कर्मचारी राहुल गुप्ता को नियम विरूद्ध पोर्टल संचालन और भुगतान प्रक्रियाओं हेतु अधिकृत किया था, दोनों ने मिलकर और रिश्वत लेकर हितग्राहियों को निर्धारित राशि से अधिक अनुदान राशि का भुगतान किया गया एवं प्रक्रिया का पालन किये बिना, बिना भौतिक सत्यापन ( जियो टैगिंग) के ही राशि 1 करोड़ 31 लाख 50 हजार रूपये का आहरण कर शासन को क्षति कारित की। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने प्रदीप भदौरिया तत्कालीन सीएमओ एवं राहुल गुप्ता कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदाकर्मी नगर पालिका परिषद डबरा के विरूद्ध धारा 409, 120बी भा.द.वि. एवं धारा 7, 13(1)क सहपठित 13(2) भ्र.नि.अधि. 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया है।
