इंदौर:खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार में घरेलू विवाद पुलिस तक पहुंच गया है. परिवार की बहू इंदिरा भट्ट ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत देकर पति पुनीत भट्ट समेत ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है.पीड़िता इंदिरा भट्ट ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में नव भारत को बताया कि उनका विवाह खजराना गणेष मंदिर के पुजारी सुमित भट्ट से 17 मई 2025 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था.
शुरुआत में पारिवारिक माहौल सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही महीनों बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया. उनका आरोप है कि पति, सास, ननद, नंदोई और अन्य परिजनों ने मिलकर दहेज के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. शिकायत में कहा गया है कि उनसे मायके से 1 करोड़ रुपए और फॉर्च्यूनर कार लाने की मांग की गई. मांग पूरी न होने पर उनके साथ मारपीट, अपमान और मानसिक प्रताड़ना दी गई. कई बार उन्हें खाना तक नहीं दिया और घर में बंद कर रखा. इतना ही नहीं, उन्हें नौकरी करने से भी रोका गया.
सितंबर 2025 में घर से निकाल दिया, मायके में रह रहीं इंदिरा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके जेवर और करीब 5 लाख रुपए नकद ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिए. वापस मांगने पर प्रताड़ना और बढ़ा दी गई. घटना के पीछे पारिवारिक कारण भी सामने आए हैं. शिकायत के अनुसार, पति ने संतान की इच्छा के चलते विवाह किया था, लेकिन परिवार द्वारा गोद लिए गए बेटे उदित की पत्नी के गर्भवती होने के बाद से उनके प्रति व्यवहार में बदलाव आ गया. इसके बाद ही दहेज की मांग तेज हो गई और सितंबर 2025 में उन्हें घर से निकाल दिया.
पीड़िता का यह भी आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की और दबाव बनाने के लिए पुलिस कार्रवाई का भी सहारा लिया. वर्तमान में वे मायके में रहने को मजबूर हैं. उन्होंने लगातार धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है. इंदिरा भट्ट ने अपनी शिकायत में दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
