नयी दिल्ली, 21 मार्च (वार्ता) परस्पर सद्भाव, प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक ईद-उल-फित्र शनिवार को पूरे देश में उल्लास एवं भाईचारे के माहौल में मनाया गया तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
इससे पहले शुक्रवार की शाम शव्वाल का चांद दिखने के साथ ही ईद की शुरुआत हो गयी, जिससे पूरे शहर के में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गयी। यह पर्व रमज़ान के पवित्र महीने के समापन के बाद चांद दिखने पर मनाया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईद-उल-फित्र के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी।
राष्ट्रीय राजधानी के जामा मस्जिद में विशेष ईद-उल-फित्र की नमाज़ अदा करने के लिए नमाज़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस ऐतिहासिक मस्जिद और उसके आसपास के इलाकों में नये कपड़ों में सजे लोगों की भारी भीड़ देखी गयी, जहां लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे और रमजान के पवित्र महीने के समापन का जश्न मना रहे थे। भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सार्वजनिक सुरक्षा और लोगों की आवाजाही में आसानी सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-फित्र का त्योहर बड़े धूमधाम से मनाया गया। केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों को ईद-उल-फित्र की बधाई दी।
जम्मू में पूरे धार्मिक उत्साह के साथ ईद-उल-फित्र मनाया गया और बड़ी संख्या में लोग ने मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के लिए एकत्र हुए। शहर भर में अलग-अलग जगहों पर लोगों सामूहिक नमाज़ पढ़ी। मुख्य जमावड़ा रेजीडेंसी रोड पर ईदगाह में हुआ, जहां शहर और आस-पास के इलाकों से आये हज़ारों नमाज़ियों ने सुबह ईद की नमाज़ अदा की।लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मस्जिदों में को शानदार ढंग से सजाया गया था।छत्तीसगढ़ में विभिन्न शहरों एवं कस्बों में सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक परिधान पहनकर ईदगाहों और मस्जिदों की ओर नमाज़ अदा करने के लिए निकल पड़े। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। ईद के मौके पर जकात-उल-फितर अदा करने की परंपरा भी निभायी गयी। नमाज़ से पहले जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की इस परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है, ताकि समाज का हर वर्ग त्योहार की खुशियों में शामिल हो सके। कई स्थानों पर लोगों ने मस्जिदों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से फितरा अदा किया।
तमिलनाडु में मुस्लिम समुदाय ने पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया। राज्य की सभी मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गयी, जिनमें ट्रिप्लिकेन स्थित बड़ी मस्जिद में विशेष प्रार्थना के लिए भारी जनसैलाब उमड़ा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस अवसर पर अपने मित्रों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईद-उल-फित्र के अवसर पर खानकाह-मुजीबिया फुलवारीशरीफ जाकर वहां के सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह आयतुल्ला कादरी से मुलाकात कर उनकी दुआएं ली और ईद की बधाई एवं शुभकामनायें दी। वह इसके बाद मित्तन घाट, पटना सिटी स्थित खानकाह-ए-मुनएमिया पहुंचकर वहां के सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी के साथ मिलकर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की दुआ की। साथ ही वहां मौजूद लोगों को ईद की बधाई एवं शुभकामनायें दीं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ईद की नमाज के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक और चौकस सुरक्षा व्यवस्था की। शहर की विभिन्न मस्जिदों एवं ईदगाहों पर पुलिस बल तैनात किये गये, ताकि त्योहार पूर्ण शांति एवं सद्भाव के साथ मनाया जा सके। पुलिस ने विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा कि सड़कों पर नमाज अदा न की जाये। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग, ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी निगरानी का उपयोग किया जा रहा है। इस मौके पर शांति बनाये रखने के लिए पैरामिलिट्री बलों के जवानों सहित अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है। ईद की नमाज मस्जिदों, ईदगाहों के परिसर में या निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जा रही है, जिससे ट्रैफिक एवं सार्वजनिक व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। जौनपुर जिले में ईद-उल-फित्र का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के मछलीशहर पड़ाव स्थित शाही ईदगाह में मुस्लिम भाइयों ने ईद की विशेष नमाज अदा कर मुल्क की तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी।
देश के अन्य हिस्सों में भी ईद-उल-फितर अमनचैन एवं खुशियों के साथ मनाये जाने की खबरें हैं।
