अशोकनगर: जिले के मुंगावली तहसील की ग्राम सरदारपुर निवासी श्रुति सर्वाईया ने अपनी मेहनत और लगन से वुशू खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मेडल अपने नाम किये, तो वहीं उन्हें इसी खेल के आधार पर पदोन्नति मिली है, जिसके चलते वह अब उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर बनकर अपने गांव और जिले का नाम रोशन कर रहीं है।दरअसल वुशू खिलाडी श्रुति सर्वाईया के पिता गोविंद सिंह किसान है और मां रमा देवी है, शुरुआती दिनों में श्रुति अपने पिता के साथ साईकिल पर बैठकर मुंगावली स्थित वुशू ट्रेनिंग सेंटर जाया करती थीं, जहां उन्हें कोच विनोद पाल द्वारा श्रुति और उनकी बड़ी बहन नेहा दोनों को वुशु की बारीकीयां सिखाते थे।
बाद में राज्य स्पर्धाओं एवं राष्ट्रीय स्पर्धाओं के दौरान श्रुति ने अशोकनगर में मध्यप्रदेश शासन से विश्वामित्र अवार्ड प्राप्त वुशू के एनआईएस कोच ब्रजेश धुरेंटे से समय- समय पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। लगातार मेहनत और लगन के परिणाम स्वरुप श्रुति का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ, जहां श्रुति ने खुदको साबित किया और नेशनल में गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया, श्रुति के प्रदर्शन के आधार पर ही उनका चयन उत्तरप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से वुशू आरक्षक के पद पर आगरा में हुआ, जहां श्रुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार प्रदेश को पदक दिलाये, जिसके चलते यूपी पुलिस विभाग ने प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सब इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।
एकलव्य पुरूस्कार कर चुकी है अपने नाम:
श्रुति सर्वाईया ने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए दक्षिण कोरिया में आयोजित जूनियर एशियन चैंपियनशिप में भारत को कांस्य पदक दिलाया था, तो वहीं 13 वार राष्ट्रीय पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अभी तक 7 गोल्ड, 3 सिल्वर, 3 ब्रॉज़ मैडल जीतकर ना सिर्फ अपने जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है । वहीं उन्हें मध्यप्रदेश शासन ने शानदार प्रदर्शन के चलते वर्ष 2022 में एकलव्य पुरुस्कार से सम्मानित किया है।
