पुलिस अधिकारियों को मिला ई-विवेचना एप का प्रशिक्षण

पांढुरना: इस तकनीकी युग में अपराधियों को पकड़ने, उन पर प्रभावी कार्यवाही करने के साथ ही विवेचना को आधुनिक तकनीकी माध्यम से डिजिटल रुप से पूरी कार्यवाही को संचालित करने के संदर्भ में पुलिस अधिकारियों को जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी की प्रमुख उपस्थिति में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया ।
कंट्रोल रूम में दिया प्रशिक्षण
नगर जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिले के अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी की अध्यक्षता मे सम्पन हुए प्रशिक्षण में जिले के सभी पुलिस थानों एवं चौकी प्रभारी को ई-विवेचना एप का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण टी.ओ.टी. प्र.आर. राजभान कुरेती द्वारा प्रदान किया गया।
आधुनिक तकनीकी ज्ञान से पुलिस को मजबूत करना
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-विवेचना एप के माध्यम से विवेचना कार्य को डिजिटल रूप से संचालित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विवेचना कार्य को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक बनाना है।
एएसपी श्री सोनी द्वारा सूक्ष्मता से बताई जानकारी 
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पांढुरना नीरज कुमार सोनी ने ई-विवेचना एप के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस एप के माध्यम से विवेचक घटनास्थल पर पहुंचकर ही डिजिटल माध्यम से विवेचना संबंधी कार्यवाही संपन्न कर सकेंगे। इससे विवेचना प्रक्रिया अधिक आधुनिक, सुगम, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक बनेगी।
डिजिटल के माध्यम से सुरक्षित रखा जा सकेंगा रिकॉर्ड
उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी तथा लोकेशन (longitude-latitude) की जानकारी भी सुरक्षित रूप से दर्ज की जा सकेगी। यह डिजिटल जानकारी न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सहायक सिद्ध होगी तथा विवेचना को अधिक प्रभावी बनाएगी।
प्रशिक्षण में यह रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में थाना प्रभारी पांढुरना कोतवाल अजय मरकाम, थाना प्रभारी लोधीखेड़ा निरीक्षक ए.बी. मर्सकोले सहित जिले के समस्त थाना, चौकी एवं कार्यालयों के विवेचकों ने सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को एप के उपयोग, विवेचना प्रक्रिया में इसके प्रयोग तथा डिजिटल साक्ष्यों के संधारण के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

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