
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से खनिज विभाग की फर्जी रायल्टी बनाकर उसे रेत कारोबारियों को देकर रेत निकासी करने वाले आरोपी शैलेंद्र पटेल उर्फ शैलू को जमानत नहीं मिली है। आरोपी की ओर से जमानत आवेदन पर कुछ देर दलील रखने के बाद याचिका वापस लेने का निवेदन किया। जस्टिस संदीप एन भट्ट की एकलपीठ ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए उसे निरस्त कर दी।
शासन की ओर से पैनल लॉयर हिमांशु तिवारी ने जमानत आवेदन का विरोध किया। उन्होंने बताया कि जबलपुर खनिज विभाग के द्वारा मझगवां थाने को पत्र के माध्यम से सूचना दी थी कि उक्त आरोपी के द्वारा खनिज विभाग की फर्जी रायल्टी बनवाकर शासन की रेत निकाल कर शासन व रेत कारोबारियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। ट्रैक्टर ड्राइवरों को रोक कर रॉयल्टी की जांच की तो पता चला कि आरोपी शैलेन्द्र पटेल द्वारा ड्राइवरों को जो रॉयल्टी दी गई है वो फर्जी है। आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से फर्जी रॉयल्टी रसीद एवं मोबाइल जब्त किया है, जिसकी जांच बाकी है। आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी है। वहीं आवेदक की ओर से तर्क दिया गया कि उसने कोई भी फर्जी रॉयल्टी नहीं बनाई गई है ना ही किसी को प्रदान की है। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
