
शाजापुर। शहर में गैस सिलेंडर खत्म होने की कोरी अफवाह ने ऐसा तूल पकड़ा कि गैस गोदामों पर ग्राहकों का सैलाब उमड़ पड़ा. लोग अपनी बारी के लिए घंटों लंबी कतारों में जद्दोजहद करते नजर आए. हालात को बिगड़ता देख आनन फानन में जिला प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा. अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और आमजन बेवजह अफवाहों का शिकार होकर घबराहट में खरीदारी पैनिक बाइंग न करें.
शुक्रवार सुबह गैस गोदाम पर हालात यह थे कि ट्रकों से उतारकर सीधे उपभोक्ताओं को सिलेंडर बांटे जा रहे थे. गैस एजेंसी के कर्मचारियों के मुताबिक जो भी उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर पहुंच रहा था, उसे हाथों हाथ भरा हुआ सिलेंडर दिया जा रहा था. हालांकि अचानक उमड़ी इस भारी भीड़ के कारण लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.
अफवाहों की हकीकत, जरूरत 3 हजार की, स्टॉक में 13 हजार
गैस की कमी की बातों को पूरी तरह से नकारते हुए खाद्य विभाग के अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि शाजापुर जिले में गैस का भरपूर स्टॉक मौजूद है. पूरे जिले में करीब 3 लाख गैस उपभोक्ता हैं और रोजाना की औसत खपत लगभग 3,000 सिलेंडर है. इसके एवज में प्रशासन के पास वर्तमान में 13, 000 सिलेंडरों का सुरक्षित स्टॉक जमा है. अधिकारियों ने अपील की है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घरों में न भरें.
व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई पर अस्थायी रोक
घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न होए इसके लिए प्रशासन ने एक बड़ा ऐहतियाती कदम उठाया है. दुकानों और होटलों में इस्तेमाल होने वाले बड़े कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी गई है. सभी दुकानदारों और होटल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस की जगह खाना पकाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करें ताकि घरों की रसोइयों की आग न बुझे.
एसडीएम ने लिया जायजा, होम डिलीवरी के सख्त निर्देश
दोपहर के समय एसडीएम मनीषा वास्कले ने अपनी टीम के साथ सीधे गैस गोदाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया. उपभोक्ताओं को इस तरह लाइनों में परेशान होते देख उन्होंने अधिकारियों और एजेंसी संचालकों को सख्त लहजे में निर्देश दिए. एसडीएम ने स्पष्ट कहा है कि लोगों को कतारों में खड़ा करके परेशान करने के बजाय, उनके घरों तक सिलेंडर पहुंचाने होम डिलीवरी की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से पुख्ता किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी भीड़ जमा न हो.
