
बाग। नगर में पति की मौत के करीब 12 घंटे बाद पत्नी की भी मौत हो गई। शुक्रवार शाम पति प्रभुलाल प्रजापत की हार्ट अटैक से मौत हुई, वहीं शनिवार सुबह उनकी पत्नी छोटाबाई प्रजापत का भी दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। पति-पत्नी दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। 62 वर्षीय प्रभु लाल प्रजापत को शुक्रवार शाम अचानक दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें बड़वानी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। शनिवार को उनकी अंतिम क्रिया होनी थी। इसी बीच, शनिवार सुबह उनकी पत्नी छोटाबाई प्रजापत को भी अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनका भी तत्काल निधन हो गया। पति-पत्नी के निधन के बाद बाग में उनकी अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। बाग के मुक्तिधाम पर स्वर्गीय प्रभु लाल और स्वर्गीय छोटाबाई की पार्थिव देह एक ही चिता पर रखी गई। उनके दोनों पुत्रों कृष्णा और महेंद्र ने माता-पिता को मुखाग्नि दी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सभी समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, पति-पत्नी दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा की ऐसी घटना पहली बार देखी गई है। प्रजापत दंपत्ति धार्मिक प्रवृत्ति के थे और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। मुक्तिधाम पर एक ही चिता पर पति-पत्नी का दाह संस्कार देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं, और सभी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी
