बीजापुर 27 अप्रैल (वार्ता) छतीसगढ़ और तेलंगाना राज्य की सरहद पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर पिछले छह दिनों से जारी ‘नक्सल-उन्मूलन अभियान’ के दौरान शनिवार शाम को सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलियों की गुफा बरामद की। जवानों को गुफा तक पहुंचने में 15 आईईडी को डिफ्यूज करना पड़ा।
पुलिस ने रविवार को बताया कि गुफा में आराम से एक हजार नक्सली छिप सकते हैं। साथ ही असलाह-बारूद भी जखीरे में रख सकते हैं। बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में मिले गुफा को माओवादी अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करते रहे है। गुफा के आकार को देखने के बाद इसमें आसानी से बड़ी संख्या में माओवादियों के छुपे रहने की आशंका जताई गई है। बताया गया है कि इस गुफा में पानी के साथ ही विश्राम करने की भी सुविधा है।
गुफा के अंदर पीछे की तरफ चट्टानों के बीच एक पतली सुरंग भी मिली है, जो सीधे पहाड़ी की दूसरी तरफ निकल रही है। यहां से बड़ी आसानी से कोई भी व्यक्ति एक तरफ से दूसरी तरफ आना-जाना कर सकता है। साथ ही पहाड़ी में चट्टानों से रिसकर पानी भी आ रहा है। इसके अलावा गुफा में शिवलिंग भी मिला है। शिवलिंग पर ताजा सिंदूर भी चढ़ा हुआ दिखा। अब यह दावा है कि यहां ठहरे नक्सली शिवलिंग की पूजा-पाठ भी करते थे। क्योंकि, नक्सलियों के अलावा इस पहाड़ में किसी ग्रामीण का आना संभव नहीं है।
बताया जाता है कि सुरक्षा बलों के आने से ठीक पहले नक्सली यहां से निकल गए हैं।
बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी की मानें तो नक्सलियों के खिलाफ यह निर्णायक लड़ाई है। कर्रेगुट्टा, दुर्गमगुट्टा, पुजारी कांकेर की पहाड़ियों पर फोर्स का नक्सलियों के खिलाफ देश का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। इस नक्सल ऑपरेशन का आज छठवां दिन है। पांचवे दिन पहाड़ पर जवानों ने नक्सलियों के ठिकाने (गुफा) को ढूंढ निकाला।
वहीं अभियान से जुड़े कुछ जवान शनिवार को कैंप, बीजापुर लौट आए हैं। जिसके बाद यह जानकारी मिली है। भारी संख्या में फोर्स अब भी मौके पर ही मौजूद है। ऑपरेशन जारी है। डीआरजी ,केरिपुब , एसटीएफ , कोबरा, बस्तर फाइटर्स के जवान पहाड़ की घेराबंदी कर रहे हैं।
पुलिस की ओर से अभी ये खुलासा नहीं हुआ है कि गुफा में उनको क्या-क्या मिला। मुठभेड़ में कितने माओवादी अब तक मारे गए, इसका भी अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि एनकाउंटर खत्म होने के बाद फोर्स अपनी ओर से मुठभेड़ से जुड़ी पूरी जानकारी मुहैया कराएगा।
