
नीमच। राजनीति के व्यस्त गलियारों से दूर, संवेदना और रिश्तों की एक ऐसी तस्वीर ग्राम जमुनिया खुर्द में देखने को मिली, जिसने सभी की आँखे खुशी से नम कर दीं। अवसर था एक गरीब परिवार की बेटी की शादी का, जहां नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने न केवल अपना वादा निभाया, बल्कि एक मामा के रूप में कन्यादान में शामिल होकर इंसानियत की नई इबारत लिख दी ।
बेसहारा परिवार की सुनी पुकार
घटनाक्रम यूँ है कि कुछ दिन पहले, ग्राम जमुनिया खुर्द निवासी भंवरलाल खारोल अपनी पोती ज्योति की शादी का निमंत्रण लेकर विधायक सेवा केंद्र पहुंचे थे। उन्होंने भावुक होकर अपनी व्यथा सुनाई कि ज्योति के सिर पर मां का साया नहीं है और पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण पोती की शादी उनके लिए एक भारी चिंता का विषय बन गई है ।
द्रवित हुआ विधायक का दिल, किया वादा
दादा भंवरलाल की बात सुनकर विधायक दिलीप सिंह परिहार का ह्रदय द्रवित हो गया। उन्होंने न केवल तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि परिवार को ढांढस बंधाते हुए वादा किया कि, चिंता मत कीजिए, इस शादी में मैं मामा बनकर आऊंगा, और जरुर आउंगा।
भावुक क्षण: जब दादा की आंखों से छलक आए आंसू
शादी के दिन जब विधायक परिहार जमुनिया खुर्द पहुंचे, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दादा भंवरलाल ने जब विधायक को अपने आंगन में देखा, तो उन्हें इतना संबल मिला कि वे स्वयं को रोक नहीं पाए और उन्हें गले लगाकर फफक पड़े। वहां मौजूद हर शख्स इस भावुक मिलन का साक्षी बना। विधायक ने बेटी ज्योति को आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट कर उसे विदा किया।
राजनीति से ऊपर रिश्तों की मिसाल
अक्सर नेता बड़े मंचों और सरकारी कार्यक्रमों में नजर आते हैं, लेकिन एक गरीब के घर की खुशियों में शरीक होकर रिश्तों की मर्यादा निभाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक परिहार की यह अदा अपनेपन और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
