आंध्र प्रदेश में अवैध ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री पर डीआरआई की छापेमारी

नयी दिल्ली, 13 मार्च (वार्ता) ऑपरेशन “व्हाइट हैमर” के तहत आंध्र प्रदेश में अवैध अल्प्राज़ोलाम फैक्ट्री पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय की एजेंसी राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने छापेमारी कर 47 करोड़ रुपये की 237 किलोग्राम नशे की गोली और इन्हें बनाने में काम आने वाला 3.5 टन से अधिक रसायन जब्त किया । इसके साथ ही एजेंसी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डीआरआई की टीम ने आंध्र प्रदेश के एनटीआर ज़िले के कोंडापल्ली औद्योगिक विकास क्षेत्र में स्थित एक गुप्त इकाई का भंडाफोड़ किया है। यह इकाई मादक औषधियां एवं मनोविकार द्रव्य अधिनियम, 1985 के तहत प्रतिबंधित औषधि अल्प्राज़ोलाम के विनिर्माण में लगी थी।

विज्ञप्ति के अनुसार खुफिया जानकारी पर आधारित और अच्छी तरह समन्वित रूप से यह कार्रवाई 11 और 12 मार्च को की गयी । इसे “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” नाम दिया गया था। जांच में सामने आया कि यहां रासायनिक निर्माण इकाई के रूप में दिखावा करते हुए अल्प्राज़ोलाम के उत्पादन के लिए पूरी तरह से औद्योगिक स्तर की व्यवस्था स्थापित की गई थी।

तलाशी में वहां लगभग 47 करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य की 237 किलोग्राम अल्प्राज़ोलाम बरामद की गई। इसके अलावा 800 किलोग्राम से अधिक प्रमुख कच्चा माल, 2,860 लीटर विभिन्न रसायन, और औद्योगिक स्तर के उपकरण जैसे रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज भी जब्त किए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित और बड़े पैमाने पर चल रही अवैध निर्माण इकाई थी।

प्रारंभिक जांच से पता चला कि इस पूरे अवैध काम का संचालन रासायनिक और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाला एक व्यक्ति कर रहा था। उसका एक सहयोगी हैदराबाद में कच्चे माल की व्यवस्था और वितरण का काम देखता था। आरोपियों ने गुप्त रूप से अल्प्राज़ोलाम का निर्माण करने के लिए फैक्ट्री परिसर किराये पर लिया था। इस मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

चालू वित्तीय वर्ष में डीआरआई ने खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों के माध्यम से आठ अवैध ड्रग विनिर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है।

 

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