नयी दिल्ली 13 मार्च (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर उपमंडल अस्पताल में प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर चिकित्सा देखभाल सही ढंग से नहीं मिलने के कारण नवजात शिशु की मृत्यु की खबर का स्वतः संज्ञान लिया है और इस संबंध में राज्य के चिकित्सा शिक्षा परिवार कल्याण विभाग के सचिव तथा पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त से दो सप्ताह में जबाब मांगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत सात मार्च को अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस की सुविधा न दिए जाने पर पिता को शिशु के शव को गत्ते के बक्से में रखकर बंगरासाई गांव ले जाना पड़ा था।
आयोग ने कहा है कि अगर इस खबर में दी गई जानकारी सही है, तो यह पीड़िता के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इसलिए, आयोग ने रांची स्थित स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव और पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
नौ मार्च को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार को मृत शिशु के शव को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए मजबूर किया और किसी भी प्रकार की सहायता देने से भी इनकार कर दिया।
