
ग्वालियर। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने लोकसभा में मिलावटखोरी का मामला उठाकर मिलावटखोरों पर नकेल कसने की मांग की है। लोकसभा में उन्होंने उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री बी.एल. वर्मा को बताया कि खाद्य प्रसंस्करण में लगी कुछ कंपनियों के खिलाफ खाद्य पदार्थों में मिलावट की लगातार शिकायतें मिल रही हैें। जांच में दोषी पाए जाने के बाद ऐसी कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए ताकि मिलावटखोरी पर अंकुश लग सके।
उन्होंने केंद्रीय खाद्यमंत्री वर्मा से पूछा कि विगत तीन वर्षों में कितनी शिकायतें मिली हैं और कितनी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुशवाह ने कहा कि सरकार मिलावटखोरी मेें संलग्न कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए इनके खिलाफ जांच कर लाइसेंस निलंबन और जुर्माने की कार्रवाई करे। साथ ही जैविक और प्राकृतिक खाद्य प्रसंस्करण में ईमानदारी से लगीं कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन के साथ सहायता प्रदान करे। जबाव में मंत्री ने बताया कि 2022-23 में 4330 शिकायतें मिली, जिसमें से 4 हजार 74 शिकायतों को निराकरण किया गया।इसी तरह 2023-24 मेें 4 हजार 735 शिकायतों में से 3 हजार 993 शिकायतों का, 2024-25 में 7 हजार 705 शिकायतों में से 5 हजार 952 शिकायतों का निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ऑनलाइन खाद्य सुरक्षा अनुपालन प्रणाली (एफओएससीओएस) के अंतर्गत संचालित खाद्य सुरक्षा कनेक्ट पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता शिकायतें प्राप्त करता है। शिकायत दर्ज होने पर संबंधित नामित अधिकारियों एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और खाद्य व्यवसाय संचालकों को उपभोक्ताओं द्वारा उठाई गई शिकायतों तक ऑनलाइन पहुंच प्राप्त हो जाती है। उपभोक्ता शिकायतों पर नियामक कार्रवाई राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार की जाती है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने तथा मानव उपभोग के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने का अधिकार है।
