सतना : संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी का जीवन सहित उसका परिवार, सम्मान और आर्थिक स्थिरता जैसी मूलभूत मांगों ने आखिरकार उन्हें आंदोलित होने को मजबूर करना शुरु कर दिया है. अपनी इन्ही समस्यायों के निराकरण की उम्मीद में शुक्रवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जिला कलेक्टोरेट पहुंचे. जहां पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए जल्द से जल्द न्याय दिलाने की अपील की.संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेतृत्व में आधा सैकड़ा कर्मचारियों का समूह शुक्रवार को जिला कलेक्टारेट पहुंचा. जहां पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्यायों के निराकरण की मांग की.
बिंदुवार समस्यायों को सामने रखते हुए कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 3-4 वर्षों से अपने दायित्वों का पिष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करते आ रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासनिक और वित्तीय समसयों के चलते उनका जीवन चिंताजनक और असहनीय स्थिति में पहुंच चुका है. उन्हें जो मानदेय दिया जाता है उसमें टीडीएस की कटौती होती है. लेकिन इसके बावजूद भी वह जमा नहीं होता है. ईपीएफ राशि कटने के बावजूद उनके खाते में जमा नहीं होती है.
वेतन समय पर नहीं मिलता और जब मिलता है तो बिना कारण कटौती कर ली जाती है. सार्थक अटेंडेंस के नाम पर न सिर्फ उनके वेतन की कटौती की जाती है बल्कि मानसिक उत्पीड़ल भी किया जाता है. लिहाजा उन्होंने मांग की कि शासन के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुश्चित कराया जाए. कार्यालयीन कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चत की जाए. इसी कड़ी में वेतन कटौती को लेकी पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चत की जाए.
