
सोहागपुर। अब नरवाई जलाने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। गेहूं कटाई के बाद खेतों में लगने वाली आग को लेकर प्रशासन ने इस बार बेहद सख्त रुख अपना लिया है। जनपद पंचायत सभागार में आयोजित प्रशिक्षण बैठक में एसडीएम प्रियंका भलावी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि खेतों में नरवाई जलती हुई पाई गई तो सीधे जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती की घोषणा के बाद किसानों और हार्वेस्टर संचालकों के बीच हलचल और चर्चा तेज हो गई है।
बैठक में साफ किया गया कि अब ग्राम स्तर पर नरवाई प्रबंधन के लिए गस्ती दल बनाए जाएंगे, जो लगातार खेतों की निगरानी करेंगे। यह दल गांव-गांव घूमकर देखेगा कि कहीं खेतों में आग तो नहीं लगाई जा रही। अगर कोई किसान नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा।
एसडीएम प्रियंका भलावी ने कहा कि नरवाई जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है और मिट्टी की उर्वरता भी खत्म हो जाती है। इसलिए प्रशासन अब केवल समझाइश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सख्ती से नियम लागू करेगा। किसानों को जागरूक करने के लिए अगले दस दिनों में नरवाई प्रबंधन पाठशाला आयोजित की जाएगी, जहां उन्हें मशीनों और वैकल्पिक तरीकों से अवशेष प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।
ग्राम पंचायतों में दीवार लेखन और मुनादी के माध्यम से भी चेतावनी दी जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के जरिए भी अभियान चलाया जाएगा ताकि हर किसान तक यह संदेश साफ-साफ पहुंच सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुभाग में बिना स्टॉ-रीपर मैनेजमेंट सिस्टम के हार्वेस्टर का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही कस्टम हायरिंग केंद्रों की सूची ग्राम पंचायतों में चस्पा की जाएगी, ताकि किसान नरवाई प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनें आसानी से प्राप्त कर सकें।
ग्राम पंचायतों की शासकीय भूमि पर भूसा संग्रह कर उसे निकटतम गौशालाओं तक पहुंचाने की भी योजना बनाई गई है, जिससे पशुपालकों को चारा मिलेगा और खेतों में आग लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
बैठक में जनपद अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, उपाध्यक्ष राघवेंद्र पटेल, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कृषि विभाग के अधिकारी, राजस्व अमला, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कस्टम हायरिंग केंद्र संचालक और हार्वेस्टर संचालक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्त चेतावनी के बाद अब पूरे क्षेत्र में यही चर्चा है कि इस बार नरवाई जलाने वालों पर सचमुच कड़ा शिकंजा कसने वाला है।
