नयी दिल्ली, 04 जून (वार्ता) भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डेशकाटे ने कहा है कि अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के लिए सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा की उपलब्धता पर आगामी कुछ दिनों में उनकी फिटनेस को देखते हुए अंतिम फैसला लिया जायेगा।
आईपीएल 2026 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के बाद रोहित का खेलना अभी भी अनिश्चित बना हुआ है, जबकि कोहली भी 1 जून को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के आईपीएल फाइनल जीतने वाले मैच में नाबाद 75 रन बनाते समय हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आने के बाद संशय के घेरे में हैं। भारतीय टीम प्रबंधन हार्दिक पंड्या की फिटनेस पर भी करीब से नज़र रखे हुए है। इस ऑलराउंडर ने आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए पीठ की ऐंठन के कारण कुछ मैच नहीं खेले थे, और एकदिवसीय सीरीज के लिए उनकी तैयारी की पुष्टि अभी बाकी है।
शनिवार से न्यू चंडीगढ़ में शुरू हो रहे अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में टेन डेशकाटे ने कहा कि कोई भी घोषणा करने से पहले चिकित्सा दल ही अंतिम फैसला लेगा।
उन्होंने कहा, “इस बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। ज़ाहिर है, जब विराट या रोहित जैसे खिलाड़ी (टीम से बाहर होते हैं) तो यह बड़ी खबर होती है, लेकिन प्रोटोकॉल वही रहेंगे। हम इन खिलाड़ियों की फिटनेस का आकलन करेंगे, और हमारे पास अब यह तय करने के लिए कुछ दिन हैं कि क्या वे खेलने और टीम का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह फिट हैं, और उसी के अनुसार बदलाव किए जाएंगे। लेकिन मुझे यकीन है कि जैसे ही मेडिकल टीम इस पर कोई फैसला लेगी, आधिकारिक जानकारी जरूर दी जाएगी।
सहायक कोच ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल के बीच खिलाड़ियों के काम के बोझ में संतुलन बनाने की चुनौती के बारे में भी बात की, खासकर तब जब केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी टूर्नामेंट के अंतिम चरणों में चोटों के साथ खेल रहे होते हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह हर खिलाड़ी के लिए अलग-अलग होता है। भारतीय टीम के नजरिए से देखें तो, हम चाहते हैं कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर हों, तो वे अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हों, और यह हर मामले को अलग-अलग तरीके से संभालने का विषय है। इसलिए मैं इस बात को समझता हूं कि इन खिलाड़ियों के लिए यह साल का बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। आईपीएल एक शानदार घरेलू टूर्नामेंट है, इसलिए यह इन दोनों चीज़ों के बीच संतुलन बनाता है। मुझे लगता है कि पिछले आईपीएल में खिलाड़ियों पर जितना काम का बोझ था, या कम से कम अनुबंधित खिलाड़ियों के एक बड़े हिस्से पर उसे देखते हुए, हमने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, और चोटें तो लगती ही रहती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें क्रिकेट से दूर रखा जाए, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जब अंतरराष्ट्रीय मैचों की ज़रूरत हो, तो वे अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस पर हों।
उन्होंने कहा, “आप खिलाड़ियों को मैच न खिलाकर सुरक्षित नहीं रख सकते, लेकिन हमें अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के अहम हिस्सों की पहचान ज़रूर करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी न केवल चोट-मुक्त हों, बल्कि जब हमें उनकी सबसे ज्यादा जरुरत हो, तो वे शारीरिक रूप से भी अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में हों।”
