भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को जल संसाधन विभाग की टेंडर प्रक्रिया, सिंचाई परियोजनाओं और फर्जी बैंक गारंटी के इस्तेमाल में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए।भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में पटवारी ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है। हाल ही में 5,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की कई सिंचाई परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और किसान पानी के लिए परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष को “कृषि वर्ष” घोषित किया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह “ठेकेदारी और कमीशन का वर्ष” बनता नजर आ रहा है।पटवारी ने आरोप लगाया कि बड़े टेंडरों में कुछ चुनिंदा कंपनियां बार-बार L1, L2 या L3 के रूप में सामने आती हैं, जिससे यह प्रतिस्पर्धा के बजाय “रोटेशन सिस्टम” जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां कई बड़े टेंडरों में लगातार दिखाई देती हैं।
उन्होंने नौशाद और अश्विन नाटू नामक व्यक्तियों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इनका कुछ ठेकेदारों के साथ व्यावसायिक संबंध बताए जा रहे हैं।कांग्रेस नेता ने सिंचाई परियोजनाओं में तकनीकी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगह सस्ती एचडीपीई पाइप लगाकर कागजों में महंगी डीआई पाइप का भुगतान निकाला गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व के निर्देशों के बावजूद विभाग में इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी प्रणाली लागू क्यों नहीं की गई।
पटवारी ने 2023–24 में दिए गए टेंडरों की न्यायिक जांच, विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच और भुगतानों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस दस्तावेजों के साथ इस मामले की जांच की मांग को लेकर सीबीआई के पास जाएगी।
