
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक अहम अंतरिम आदेश के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में माध्यमिक शिक्षक खेल के पदों पर होने वाली नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया है। इस पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित योग्यता को चुनौती देने के मामले में जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
मुरैना निवासी सुरेन्द्र सिंह कुशवाह और मुरारी लाल शाक्य की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने माध्यमिक शिक्षक (खेल) भर्ती 2024 में भाग लिया। पात्रता और चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका नाम मेरिट में आया। इसके बाद दस्तावेज परीक्षण में उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई। याचिकाकर्ताओं के पास डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन की योग्यता है। परीक्षण में यह कहा गया कि उक्त पद के लिए बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की योग्यता चाहिए। याचिका में दलील दी गई कि भर्ती अधिसूचना में बीपीएड और डीपीएड को समकक्ष योग्यता का प्रावधान किया गया था। याचिकाकर्ता योग्य थे, तभी चयन प्रक्रिया में सम्मिलित हुए थे। उनका नाम मेरिट सूची में भी आया और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की गई, लेकिन बाद में मौखिक रूप से यह कहा गया कि उनकी डीपीएड योग्यता को बीपीएड के समकक्ष नहीं माना जाएगा।
