
जबलपुर। एमपी स्टेट बार चुनाव में महिला प्रत्याशियों के लिए पृथक मतपत्र की व्यवस्था की मांग फिर बुलंद की गई है। इसे लेकर पूर्व में मांग-पत्र भेज गया था। लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए स्मरण-पत्र भेजा गया है। भारत के प्रधान न्यायाधीश, बार काउंसिल आफ इंडिया, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और स्टेट बार के चेयरमैन व सचिव को भेजे गए स्मरण-पत्र में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत का हवाला दिया गया है। साथ ही इस बात पर आपत्ति दर्ज कराई गई है कि चुनाव प्रक्रिया अंतर्गत अब तक एक ही मतपत्र का प्रविधान है, जो कि अनुचित है। अधिवक्ता ज्योति कुरील का कहना है कि नियमानुसार अविलंब दो मतपत्र की नवाचारी व्यवस्था की अधिसूचना जारी कर दी जानी चाहिए।
