काठमांडू, 09 मार्च (वार्ता) नेपाल में हुए आम चुनाव में युवा नेता और पूर्व रैपर बालेन शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 165 में से 124 सीट पर जीत हासिल कर ली है और एक सीट पर आगे चल रही है। संसद की कुल 275 सीटों में से बाकी बची 110 समानुपातिक (पीआर) सीटों के लिए भी मतगणना अंतिम चरण में है। प्रारंभिक रुझानों में आरएसपी को कुल मतों का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा मिलता दिख रहा है। यदि यही रुझान अंतिम परिणामों में तब्दील होता है, तो आरएसपी अकेले 185-186 सीट तक पहुंच सकती है, जो दो-तिहाई बहुमत (184 सीट) के जादुई आंकड़े से अधिक होगा। चुनाव आयोग ने 165 में से 162 सीट के परिणाम घोषित कर दिये हैं। नेपाली कांग्रेस 18 सीट जीतकर दूसरे स्थान पर है, जबकि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) ने आठ सीट जीती हैं और एक पर आगे चल रही है। वहीं नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को सात सीट हासिल हुई हैं। इन प्रमुख दलों के अलावा श्रम संस्कृति पार्टी के तीन, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी का एक प्रत्याशी और एक स्वतंत्र उम्मीदवार भी इन चुनावों में सफल रहा है। इस चुनाव का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला परिणाम झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से आया है। यहां आरएसपी के प्रधानमंत्री पद के चेहरे बालेन शाह ने नेपाल के कद्दावर नेता और चार बार प्रधानमंत्री रहे श्री केपी शर्मा ओली को करीब 50,000 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। श्री शाह को जहां 68,348 वोट मिले, वहीं श्री ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गये।
इस हार के साथ ही नेपाल की राजनीति में दशकों से दबदबा रखने वाले पुराने चेहरों के युग का अंत माना जा रहा है। श्री बालेन शाह अब नेपाल के इतिहास के सबसे युवा और पहले ‘मधेसी’ प्रधानमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं। श्री शाह अगले महीने 27 अप्रैल को अपना 36वां जन्मदिन मनायेंगे। राजधानी काठमांडू की 10 सीटों सहित पूरी काठमांडू घाटी की 15 सीटों पर आरएसपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल हुए भ्रष्टाचार विरोधी ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद नेपाली युवाओं ने नेपाली कांग्रेस, नेकपा-एमाले और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी जैसे पारंपरिक दलों को पूरी तरह नकार दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस जीत को नेपाल में एक नयी ‘युवा क्रांति’ के रूप में देखा जा रहा है, जो पड़ोसी देशों के साथ नेपाल के भावी संबंधों की नयी दिशा तय करेगी।

