जबलपुर: शहर अब न केवल साफ दिख रहा है, बल्कि स्वच्छता के प्रति नागरिकों का नजरिया भी बदल रहा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार की जमीनी धरातल और सख्त मॉनिटरिंग का असर अब शहर की गलियों और मुख्य चौराहों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने केवल कागजों पर योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। कचरा संग्रहण वाहनों का समय निर्धारित किया गया है और जी.पी.एस. के जरिए उनकी निगरानी की जा रही है।
इससे शहर के “ब्लैक स्पॉट्स“ जहां कचरा फेंका जाता था, तेजी से कम हो रहे हैं। रात्रि कालीन सफाई प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में रात के समय भी सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सुबह नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिले। कचरे के वैज्ञानिक निपटान पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे डंपिंग साइट्स का बोझ कम हुआ है। खाली पड़े स्थानों को साफ कर वहां छोटे पार्क या सेल्फी पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे अवैध कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के अनुसार, स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक साझा संकल्प है। सफाई मित्रों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्कूलों और मोहल्ला समितियों के माध्यम से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
