जबलपुर: वादी के पति पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में टेक्नी वन के पद पर कार्यरत थे जिनकी मृत्यु दिनांक 15 जुलाई 24 को हो गई थी पति की मृत्यु के पश्चात अंतिम निपटारे की राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान रेलवे विभाग ने वादिनी के विभिन्न दस्तावेजों में नाम की भिन्नता होने के कारण न्यायालय से आधिकारिक उदघोषणा प्राप्त करने हेतु निर्देश दिए अतः वादी का वाद स्वीकार कर इस आशय से घोषणा एवं डिक्री पारित की गई की वादिनी के नाम मे सरनेम चेंज होने के कारण सभी नाम वादिनी के ही है प्रतिवादी की ओर से यह जवाब दिया गया कि वादिनी के विवाह के संबंध में उनके कार्यालय में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
उक्त वाद में वादिनी के एक से अधिक नाम है जिस संबंध में मृतक द्वारा रेल प्रशासन को अवगत नहीं कराया गया है रेल प्रशासन द्वारा उपरोक्त सभी नाम एक ही महिला के हैं एवं वह स्वर्गीय रूपेश कुमार पिल्ले की वैध पत्नी है उक्त से सहमत होने पर ही जमा राशि के भुगतान हेतु अनुमोदन प्रदान किया जावेगा अतः वादिनी द्वारा प्रस्तुत वाद खारिज किए जाने का निवेदन किया गया था जबकि अधिवक्ता शिवम गुप्ता द्वारा यह साक्ष्य प्रस्तुत किए गए की रेलवे विभाग में नाम में भिन्नताएं के संबंधित दस्तावेज पूर्व रूप से ही उपस्थित हैं एवं कुछ नए साक्ष्य प्रस्तुत कर न्यायालय को अवगत कराया गया कि उक्त सभी नाम वादिनी के ही है जबकि वाद प्रस्तुत करने के पूर्व अधिवक्ता द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे को नोटिस भी दिया गया था एवं एक नोटराइज्ड शपथ पत्र वादिनी द्वारा दिया गया था।
जिसके तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड जबलपुर मध्य प्रदेश न्यायाधीश रिशा अहमद कुरैशी द्वारा आम जनता को एकपक्षीय करते हुए पश्चिम मध्य रेलवे को वादिनी के सभी नामों की भिन्नताएं को स्वीकार करने एवं संपूर्ण वाद व्यय प्रतिवादी पश्चिम मध्य रेलवे को वहन करने का आदेश पारित किया गया। वादी कि ओर से विशेष तर्क के साथ अधिवक्ता शिवम गुप्ता ने पैरवी कि है l
