
जबलपुर। मौसम का मिजाज बदल गया है। पारे में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। दिन के साथ अब रात में भी गर्मी का एहसास होने लगा है। शुक्रवार को सुबह से सूर्यदेव तमतमाये रहे। मार्च में अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास हुआ । तपिश बढऩे चलते पसीना भी छूटा। गर्मी से बचने लोगों ने कूलर, पंखे भी चलाये। अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 5 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा । सुबह के वक्त आद्र्रता 45 और शाम को 28 प्रतिशत दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम हवाएं 4 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली । मौसम विभाग की माने तो एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण अब उत्तर-पश्चिम ओडिशा और निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर सक्रिय है। एक ट्रफ, उत्तर-पश्चिम ओडिशा और निकटवर्ती क्षेत्रों पर सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण से उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर विस्तृत है। उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम, लगभग 213 किमी, घंटा की गति से माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊँचाई पर उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बह रहीं है। एक पश्चिमी विक्षोभ, जम्मू और संलग्न पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई पर ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में अवस्थित है। जबकि अन्य एक नया पश्चिमी विक्षोभ 9 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
