जयपुर 05 मार्च (वार्ता) राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंती सचिन पायलट ने ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध पर जल्द विराम लगने की उम्मीद करते हुए कहा है कि पूरी दुनिया में भारत की स्थिति हमेशा एक समझदार संजीदा और एक परिपक्व राष्ट्र की रही है लेकिन अमेरिका के द्वारा हमारे तटीय इलाके में गिराये गये समुद्री जहाज के मामले में हमारी सरकार और देश को कोई स्टैंड लेना चाहिए।
श्री पायलट गुरुवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने ईरान अमेरिका युद्ध पर कहा कि लगातार जो हिंसा हो रही है। उम्मीद है कि जल्द इसका अंत होगा, और जो नुकसान जान माल का हो रहा है, उस पर विराम लगेगा। उन्होंने कहा कि जो घटनाक्रम बहुत तेजी से बदला वह हम सबके सामने है। भारत ने हमेशा एक निष्पक्षता का व्यवहार रखा है और पूरी दुनिया में भारत की स्थिति हमेशा एक समझदार संजीदा और एक बड़े परिपक्व राष्ट्र की रही है और उस पर हमें कायम रहना चाहिए। किसी भी एक पक्ष का समर्थन या विरोध करना हमारी कभी कूटनीति का उद्देश्य नहीं रहा है, जहां तक जो एक्शन हुआ है अमेरिका के माध्यम से वो ना तो संयुक्त राष्ट्र का है और ना ही किसी एलआई का है।
उन्होंने कहा, “ अमेरिका ने जो आक्रमण किया है और हम लोगों का जो तटीय इलाका है, वहां पर जो समुद्री जहाज को गिराया गया है। इस पर हमारी सरकार को और देश को कोई स्टैंड लेना चाहिए क्योंकि युद्ध कही और हो रहा है और किसी कारणवश हमारा जो क्षेत्र है उसमें अगर इस प्रकार की एकतरफा गतिविधि होगी तो कहीं ना कहीं भारत की जो क्षेत्रीय अखंडता है भारत का जो निष्पक्ष स्टैंड रहा है और हम लोग कुछ नहीं कहेंगे इस बात पर लगता है कि यह जो चुप्पी है यह गलत है। ”
उन्होंने कहा कि जो समुद्री जहाज था, जिसको गिराया गया है यह भारत के कितनी पास किया गया और यह जहाज हमारे सैनिक अभियान में शामिल होने के लिए आया था। कहीं न कहीं हम लोगों को खड़े होकर बोलना पड़ेगा क्या सही है क्या गलत है लेकिन लगातार विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की जो चुप्पी है उसको दुनिया देख रही है और यह हमारे देश के हित के लिए सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सही को सही और गलत को गलत कहा है जहां तक इजरायल और फिलिस्तीन की बात है वहां पर भी हमने हमेशा कहा है कि टू नेशन थ्योरी होनी चाहिए और चाहे ईरान हो चाहे अफगानिस्तान हो चाहे यूरोप हो चाहे रूस हो तमाम देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध पुराने एवं ऐतिहासिक रहे है। हमें अपनी कूटनीति और भारत का जो परंपरागत तरीके से निष्पक्षता का आचरण रहा है, उससे हटना नहीं चाहिए। श्री पायलट ने कहा कि देश में अनेक प्रकार की सरकारें बनी लेकिन यह पहली सरकार है कि किसी न किसी दबाव में है।
श्री पायलट ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए कहा कि भारत सरकार को कोई भी कसर नहीं छोड़नी चाहिए। अगर हमारा एक भी भारत का नागरिक विदेश में फंसा है। उन खाडी देशों में फंसा है तो उसको सुरक्षित लाने की जिम्मेदारी हम लोगों की है। बाकी अन्य देश बहुत प्रयास कर रहे है और हम लोगों को क्योंकि हमारे संबंध सबके साथ अच्छे है। हमारी दुश्मनी किसी के साथ नहीं है तो हमारे नागरिक जो वहां फंसे हुए है । और राजस्थान से भी बहुत सारे लोग फंसे हुए है अलग अलग देशों में। उनके मैसेज भी आ रहे है।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कि विदेश मंत्रालय और सरकार जल्द काम करे, क्योंकि हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए और हम लोगों को तुरन्त जितना भी हो सके साधन संसाधन लगाकर उनको सुरक्षित वापिस लाना चाहिए।
