जयपुर, 22 जून (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी का कहना है कि उनकी आगामी फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ में में उनका किरदार भारतीय दर्शकों के लिए बिल्कुल नया और अनोखा अनुभव साबित होगा। हुमा कुरैशी ने आज यहां फिल्म के टीजर एवं फिल्म के कटआउट के अनावरण के अवसर पर बताया कि यह फिल्म हिंदी सिनेमा में किसी मूक-बधिर महिला को एक पेशेवर हत्यारी के रूप में केंद्र में रखकर बनाई गई हैं,जो बेहद कम देखने को मिलती हैं। फिल्म में नायिका एक शब्द नहीं बोलती हैं और केवल एक्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल एक क्राइम थ्रिलर नहीं है, बल्कि इसमें एक्शन, सस्पेंस और डार्क ह्यूमर का ऐसा मिश्रण है जो दर्शकों को लगातार बांधे रखेगा।
हुमा कुरैशी ने कहा कि बेबी का चरित्र जितना खतरनाक है, उतना ही मानवीय भी है और यही विरोधाभास उसे विशेष बनाता है। यही कारण है कि इस भूमिका को निभाना उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण और रोमांचक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बेबी डू डाई डू का सबसे बड़ा आकर्षण उसका केंद्रीय किरदार है। यह ऐसा चरित्र है जिसे भारतीय दर्शकों ने पहले कभी पर्दे पर नहीं देखा। हुमा ने बताया कि निर्देशक नचिकेत सामंत ने फिल्म की दुनिया को बेहद बारीकी से गढ़ा है। उन्होंने कहा कि उनके भाई और अभिनेता-निर्माता साकिब सलीम के साथ इस परियोजना पर काम करना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि सलीम सिब्लिंग्स और पुणे 04 के सहयोग से निर्मित यह फिल्म तीन जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। फिल्म में सिकंदर खेर, चंकी पांडे, रचित सिंह, मरुधा शेखावत, विद्या मालवदे, अरुण कुशवाह और हिमांशु मलिक भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
फिल्म की नायिका ‘बेबी करमारकर’ एक ऐसी महिला है जो सुन और बोल नहीं सकती, लेकिन उसकी यह शारीरिक स्थिति उसकी शक्ति को सीमित नहीं करती। इसके विपरीत, वह एक बेहद खतरनाक, कुशल और रहस्यमयी कॉन्ट्रैक्ट किलर है। मुंबई में लगातार हो रही रहस्यमयी हत्याओं के पीछे उसी का हाथ है लेकिन पुलिस और मीडिया उसकी पहचान तक पहुंचने में असफल दिखाई देते हैं। यह चरित्र पारंपरिक फिल्मी नायिकाओं की छवि से बिल्कुल अलग है और इसी कारण दर्शकों के लिए अत्यंत आकर्षक बन जाता है।फिल्म की सबसे रोचक विशेषता उसका प्रतीकात्मक हथियार है। बेबी अपने साथ हमेशा एक लाल रंग का छाता रखती है। पहली नजर में यह एक साधारण छाता प्रतीत होता है लेकिन कहानी आगे बढ़ने पर पता चलता है कि उसके भीतर एक बंदूक छिपी हुई है। यही छाता उसकी पहचान भी है और उसका सबसे घातक हथियार भी।
हुमा ने अपनी इस फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस फिल्म से उनका जुड़ाव केवल एक अभिनेत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक निर्माता के रूप में भी रहा है और वह एक निर्माता के तौर पर हमेशा यह सोचती थी कि क्या यह फिल्म कुछ नया कह रही है और एक अभिनेत्री के तौर पर वह यह देखती थी कि क्या बेबी की कहानी सच और विश्वसनीय लगती है। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके भीतर की निर्माता और अभिनेत्री लगातार संवाद करती रहीं। यदि दोनों में से कोई एक भी संतुष्ट नहीं होती थी, तो हम दृश्य को दोबारा शूट करने से भी नहीं हिचकते थे।

