
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रालय में वर्ष 2026 के जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जल संरक्षण, नदी-नालों के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के संवर्धन को जनभागीदारी से सफल बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन प्राथमिकता से किया जाए।
बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं की सफाई, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा, नदियों के तटों का संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के पुनर्निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को अभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
