बार्सिलोना, 04 मार्च (वार्ता) जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के समूह सीईओ मैथ्यू ओम्मेन ने बुधवार को कहा कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (एआई) का दौर दूरसंचार क्षेत्र के लिए केवल तकनीक का सुधार ही नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार करने के तरीकों के लिए एक नयी शुरुआत है।
श्री ओम्मेन ने बार्सिलोना में ‘मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस’ में कहा कि अब दुनिया “मिनटों और बाइट्स” से चलने वाली अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर “टोकन्स और इंटेलिजेंस (बुद्धिमत्ता)” से चलने वाले दौर की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “औद्योगिक दौर उत्पादन पर टिका था और इंटरनेट का दौर कनेक्टिविटी और क्लाउड लेकर आया, लेकिन एआई का दौर अर्थव्यवस्था के समीकरणों को पूरी तरह बदल देगा। यह केवल मामूली बदलाव नहीं है, बल्कि सब कुछ नए सिरे से शुरू होने जैसा है।” उन्होंने एआई में हो रहे अरबों डॉलर के वैश्विक निवेश को इस बड़े बदलाव का प्रमाण बताया। दूरसंचार उद्योग के लिए इसे सबसे बड़ा अवसर बताते हुए श्री ओम्मेन ने कहा कि जियो खुद को केवल नेटवर्क देने वाली कंपनी नहीं, बल्कि एक ऐसे ढांचे के रूप में देखती है जहांआई) हर तरफ होगी। उन्होंने कहा, “दूरसंचार की दुनिया पहले मिनटों से बाइट्स पर आई और अब यह टोकन्स की तरफ बढ़ेगी। हम केवल टोकन पहुंचाने का जरिया नहीं, बल्कि सबसे ज्यादा टोकन पैदा करने वाली कंपनी बनना चाहते हैं।”
श्री ओम्मेन के अनुसार, एआई वाले भविष्य में पूरी कीमत एआई टोकन के इर्द-गिर्द होगी—ये वे इकाइयां हैं जो एआई की गणना, मशीनों के खुद फैसले लेने और उनके आपस में जुड़ाव से जुड़ी होंगी। जियो से बाजार में आए बदलावों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में फोन कॉल मुफ्त कर दी और डाटा की कीमतें बेहद कम कर दीं, जिससे 52.5 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य सबसे कम खर्च में बड़े पैमाने पर एआई का ढांचा तैयार करना है, जो सस्ता भी हो और बिजली की भी बचत करे। श्री ओम्मेन ने भविष्य के नेटवर्क के बारे में बताते हुए कहा कि आने वाले समय में नेटवर्क केवल छोटे-मोटे उपकरणों की तरह नहीं होंगे, बल्कि वे पूरी तरह आपस में जुड़े होंगे, जहां एआई और दूरसंचार ढांचा मिलकर वर्तमान समय में सोचेंगे और काम करेंगे। उन्होंने दावा किया कि तकनीक में आगे होना ही अब आर्थिक रूप से आगे होना है और यही अंततः देश के नेतृत्व को भी तय करेगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, परिवहन, वित्त और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई को शामिल करना बहुत जरूरी होगा और यह बदलाव दूरसंचार अवसंरचना के सहारे ही आएगा। एआई से होने वाली उथल-पुथल की चिंताओं को स्वीकार करते हुए श्री ओम्मेन ने इसे “हमारे जीवन का सबसे बड़ा अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां इस बदलाव को अपनाएंगी, वे भविष्य की अर्थव्यवस्था में सबसे आगे होंगी।

