इंदौर: होलिका दहन के अवसर पर राजा रघुवंशी के परिवार ने एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक निर्णय लिया है. परिवार इस बार होलिका की अग्नि में सोनम की फेरे की साड़ी जलाएगा. परिजन का कहना है कि यह कदम बुराई, छल और बेटे के साथ हुए विश्वासघात के अंत का प्रतीक होगा.राजा रघुवंशी परिवार का कहना है कि होलिका दहन केवल परंपरा नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है.
राजा की मां ने नव भारत को बताया कि सोनम फिलहाल जेल में है और उसे सजा कानून देगा, लेकिन शादी से जुड़ी वह साड़ी और उससे जुड़ी पीड़ादायक यादें अब हमारे लिए असहनीय हो चुकी हैं. यह वही साड़ी है, जो शादी के समय सोनम ने पहनी थी. परिवार का मानना है कि इसे अग्नि को समर्पित कर वे अपने बेटे के साथ हुए छल और मानसिक यातना से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे. होलिका दहन से पहले राजा की मां बेटे की पुरानी होली की वीडियो देखकर भावुक हो गईं.
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इसी पर्व पर बहू ने ही राजा को रंग लगाने के लिए बुलाया था. दोनों ने साथ गुलाल से होली खेली थी. मां ने रोते हुए यह भी बताया कि उस समय किसी को अंदेशा नहीं था कि वही राजा की आखिरी होली होगी.ज्ञात हो कि मामला मई 2025 का है. आरोप है कि राजा रघुवंशी की हत्या हनीमून के बहाने की गई साजिश का नतीजा थी. सोनम राजा को शिलांग ले गई, जहां उसके कथित प्रेमी राज और अन्य साथियों के साथ मिलकर न सिर्फ हत्या की योजना बनाई, बल्कि उसे अंजाम तक भी पहुंचाया. प्रकरण में सोनम अब भी जेल में है और जांच प्रक्रिया अभी जारी है. मामले से जुड़े दो आरोपियों को पिछले माह अदालत ने बरी किया है, जबकि शेष आरोपियों की पेशी इंदौर से सीधे शिलांग की अदालत में ऑनलाइन माध्यम से भी कराई जा रही है.
भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि होलिका दहन के दिन परिवार विशेष पूजा-अर्चना भी करेगा और राजा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेगा. साथ ही, न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगा. राजा की मां ने कहा कि हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन हमें भरोसा है कि सच सामने आएगा और हमारे बेटे को न्याय जरूर मिलेगा
