सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के ने टीएल बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के समाधान में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
कलेक्टर ने 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की एक-एक कर विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से कारण पूछते हुए तत्काल निराकरण के निर्देश दिए. शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि आवेदक की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए. वनाधिकार पट्टों के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एफआरए के तहत कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा. वन खण्डों के व्यवस्थापन की समीक्षा में भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रकरणों का निराकरण लंबित न रखा जाए तथा सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था एवं स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था होना अनिवार्य है. इसके साथ ही निर्देश दिए कि साफ-सफाई, पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं रख-रखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए. जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाए. बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत, जमील खान, एसडीएम नितिन टाले, तन्मय वर्मा, स्वाति मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर प्रेम सिंह गौंड़ व जिला अधिकारी उपस्थित थे.
अनुपस्थित रहने पर सीएमओ पर कार्रवाई के निर्देश
नगरीय निकायों की प्रगति की समीक्षा के दौरान भैरूंदा के सीएमओ के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए. उल्लेखनीय है कि वे गत टीएल बैठक में भी बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर पाए गए थे. कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बैठक एवं शिविरों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 71,251 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जिसमें 69,435 प्रकरणों का निराकरण किया गया.
