इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा के व्यवहार को लेकर विवाद सामने आया है. हॉस्टल की पांच छात्राओं की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कर संबंधित छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है.शिकायतकर्ता छात्राओं का आरोप है कि संबंधित छात्रा अश्लील किताबें और मोबाइल ऐप पर आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर अन्य छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव डालती थी. रूममेट सहित अन्य छात्राएं लंबे समय से उसके व्यवहार से असहज महसूस कर रही थीं. जब स्थिति असहनीय हो गई तो छात्राओं ने इसकी लिखित और मौखिक शिकायत हॉस्टल वार्डन से की.
वार्डन ने प्रशासन को भेजी विस्तृत रिपोर्ट
हॉस्टल वार्डन ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों पक्षों से प्रारंभिक चर्चा की. शिकायतों की प्रकृति को देखते हुए उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी. मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रजिस्ट्रार प्रांजल खरे ने जांच के लिए एक आंतरिक कमेटी का गठन किया.
जांच कमेटी ने दर्ज किए बयान
कमेटी ने संबंधित छात्रा, शिकायतकर्ता छात्राओं और हॉस्टल वार्डन के बयान दर्ज किए. जांच के दौरान कई छात्राओं ने लिखित रूप से छात्रा के व्यवहार पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे हॉस्टल का वातावरण प्रभावित हो रहा था.
हॉस्टल से निष्कासन, अभिभावकों को दी सूचना
कमेटी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित करने का निर्णय लिया. उसे हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद उसने कमरा खाली कर दिया. चीफ वार्डन की ओर से छात्रा के अभिभावकों को भी औपचारिक सूचना भेजी गई. प्रशासन का कहना है कि यह कदम हॉस्टल के अनुशासन, सुरक्षा और अन्य छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
पढ़ाई और परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रा को कॉलेज से निष्कासित नहीं किया गया है. उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने और आगामी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी गई है. कार्रवाई केवल हॉस्टल निवास तक सीमित है और उसके शैक्षणिक अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं डाला गया है.
छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि
बताया जा रहा है कि संबंधित छात्रा राज्य के बाहर की रहने वाली है. घटना दो-तीन दिन पुरानी है और मामला सामने आने के अगले ही दिन प्रशासन ने जांच पूरी कर निर्णय लागू कर दिया. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं के हित और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. भविष्य में भी किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे
