
शाजापुर। राह के पत्थर थे हम मंदिर में तूने रख दिया… बंदगी ऐसी भी होगी कभी सोचा नहीं था… राजनीति में फर्श से अर्श तक जाने का यह कोटेशन श्याम टेलर ने सार्थक कर दिया. वे रातों रात शाजापुर के फर्श से सीधे प्रदेश के अर्श पर राजनीति का चमकता सितारा बन गए. शाजापुर की राजनीति में खासकर भाजपा में उस समय हलचल हुई और लोग अचंभित रह गए, जब युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर शाजापुर के श्याम टेलर के नाम की घोषणा हुई. ये क्षण उसी तरीके का था, जिस प्रकार मुख्यमंत्री के लिए मोहन यादव के नाम की घोषणा हुई थी. लोगों ने इस बात की कल्पना नहीं की थी कि शाजापुर से भी कभी कोई प्रदेश युवा मोर्चा का अध्यक्ष बन सकता है. लेकिन श्याम टेलर ने भाजपा की राजनीति में एक ऐसा अध्याय लिखा है, जो चर्चा का विषय है और श्याम टेलर के छोटे से राजनीतिक जीवन में उनके लिए इतनी बड़ी उपलब्धि अपने आप में अचंभित करने वाली है.
गौरतलब है कि शाजापुर भाजपा जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर को जिले से सीधे प्रदेश की कमान देने का करिश्मा भाजपा जैसा राजनीतिक दल ही कर सकता है. स्व. हेमंत टेलर के पुत्र श्याम टेलर ने विद्यार्थी परिषद से राजनीति की शुरुआत की थी और पहली बार वे कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के विरोध के बाद जिला युवा मोर्चा के शाजापुर जिला अध्यक्ष बने थे. युवा मोर्चा के दौरान उनके नाम को लेकर जिले के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका पैनल में नाम भी नहीं भेजा था, लेकिन आज उसी युवा मोर्चा के वे पूरे प्रदेश के सुप्रीमो बन गए.
समर्थकों ने की आतिशबाजी
भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनने पर श्याम टेलर के समर्थकों एवं भाजपा नेताओं ने रविवार रात को बस स्टैंड पर भव्य आतिशबाजी की. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता, मंडल पदाधिकारी, युवा मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहे.
जिसको जिले में रोकने का प्रयास किया, आज वो प्रदेश का सिरमोर…
तीन साल पहले जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष की ताजपोशी के समय जिले के तत्कालीन भाजपा संगठन ने श्याम टेलर का नाम पैनल तक में नहीं दिया था. लेकिन बावजूद उसके श्याम टेलर जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनकर शाजापुर आए. लेकिन आज वो ही श्याम टेलर प्रदेश युवा मोर्चा का सिरमोर बन गए हैं. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश के सह संगठन मंत्री हितानंद शर्मा के सबसे नजदीक होने का फायदा युवा नेता श्याम टेलर को मिला और आज वे इस मुकाम पर पहुंचे.
कोविड के समय भी लोगों की सेवा की थी
विद्यार्थी परिषद से राजनीति की शुरुआत करने वाले श्याम टेलर ने कोविड के समय भी विद्यार्थी परिषद की टीम के माध्यम से लोगों की सेवा की थी और जिले में विद्यार्थी परिषद को मजबूती प्रदान की. युवा मोर्चा में भी जिले में नए युवाओं को जोड़ा. 2023 के विधानसभा चुनाव में अरुण भीमावद के लिए भी श्याम टेलर ने युवाओं के साथ जमकर मेहनत की थी. राजनीति में उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज वे भाजपा की प्रदेश राजनीति में कम उम्र में शिखर पर पहुंचे.
सभी क्षत्रप नेताओं को चौंका दिया
प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष के लिए प्रदेश के कई वरिष्ठ भाजपा नेता अपने-अपने समर्थक को अध्यक्ष बनवाना चाहते थे, लेकिन कल जब अचानक नाम की घोषणा हुई, तो भाजपा के क्षत्रप नेता भी सन्न रह गए. इस पल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के समय की याद दिला दी. युवा के साथ-साथ अच्छे वक्ता के रूप में श्याम टेलर ने जिले और प्रदेश में अपनी पहचान बनाई. यही कारण है कि आज पार्टी ने उन्हें युवाओं को संवारने के लिए युवा मोर्चा की कमान सौंपी है.
शाजापुर से पहली बार युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बना
शाजापुर शहर से यह पहला अवसर होगा जब युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष शहर की माटी से किसी से युवा को बनाया गया है. हालांकि चार दशक पहले विजेंद्र सिंह सिसौदिया युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं, लेकिन वे शुजालपुर से आते थे. अब शाजापुर में प्रदेश भाजपा के दो मंत्री और अब सबसे भारी भरकम युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भी शाजापुर को मिला.
