जम्मू, 29 मार्च (वार्ता) जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि 2019 में शुरु हुई जम्मू मैराथन के बाद से प्रदेश में गहरे बदलाव आये है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज यहां मौलाना आज़ाद स्टेडियम में जम्मू मैराथन के सम्मान समारोह में कहा, “शांति, समृद्धि और अनुकूल परिस्थितियों ने इस केंद्र शासित प्रदेश को विश्व स्तरीय आयोजनों के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है। इसका सपना आखिरकार पूरा हो गया है, क्योंकि सात दशकों के बाद, जम्मू-कश्मीर वैश्विक मंच पर अपना सही स्थान हासिल कर रहा है।”
जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित जम्मू की पहली अंतर्राष्ट्रीय हाफ मैराथन, जिसमें 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी दौड़ की श्रेणियां शामिल थीं, में देश और विदेश से 3,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा, “मैं इस मैराथन को एक ऐसे आयोजन के रूप में देखता हूं जहां धावक ट्रॉफी, रैंकिंग या पदकों की चिंता नहीं करते। वे बस अगले कदम के बारे में सोचते हैं। और यही मैराथन से मिलने वाला सबसे बड़ा सबक है। जम्मू और कश्मीर स्वयं इसी सिद्धांत का प्रतीक है। 2019 से, हमने एक-एक कदम करके आगे बढ़ते हुए, इस केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक नई पहचान गढ़ी है। हमने इसे शांति और समृद्धि के केंद्र में बदल दिया है, जो अब अंतरराष्ट्रीय मैराथन, क्रिकेट टूर्नामेंट और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी करने में भी सक्षम है।”
उन्होंने कहा, “जम्मू मैराथन के माध्यम से, प्रतिभागियों ने न केवल अपने भीतर नए अनुभवों की खोज की है, बल्कि जम्मू और कश्मीर में आ रहे गहरे बदलावों को भी करीब से देखा है। यह नया संकल्प हमारे खेल जगत में भी अपनी जड़ें जमा रहा है। मुझे विशेष रूप से खुशी है कि ‘फिट इंडिया’ के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में, हम जम्मू और कश्मीर में एक नई खेल क्रांति की शुरुआत भी कर रहे हैं।”
फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन और गुल पनाग, प्रमुख नागरिक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में युवाओं ने भी इस सम्मान समारोह में भाग लिया।
