जबलपुर: रांझी पुलिस ने टी-20 वल्र्ड कप के दौरान ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने के साथ कार के भीतर बैठकर श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड मैच पर दांव लगाते दो सटोरिए पकड़े थे जिन्हें पुलिस ने रिमांड मेें लेकर पूछताछ की। सटोरियों ने सिंडिकेट से जुड़े अहम राज उगले। जिस पर तफ्तीश चल रही है। वहीं रिमांड खत्म होने पर शुक्रवार को पुलिस ने दोनों सटोरियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
विदित हो कि रांझी पुलिस ने रामनगर रांझी स्थित सामुदायिक भवन मेमोरी तिराहा के पास घेराबंदी कर एक कार क्रमांक एमपी 20 जेड जी 0030 रोकी थी। कार में बैठकर सट्टा लिखा रहे कृष्णा नामदेव निवासी आदर्श मार्केट और अनमोल पटारिया उर्फ बीसू निवासी दर्शन तिराहा को दबोचा था। तलाशी के दौरान आरोपियों के मोबाइल में क्रिकेट गुरु और थर्ड आई जैसे एप्लिकेशन खुले मिले थे जिनमें मैच के भाव और रनों पर दांव लगाया जा रहा था।
पुलिस ने उनके पास से 4 महंगे मोबाइल, नगद 20,350 व सट्टे में प्रयुक्त कार एमपी 200 जेड जी 0030 जब्त की थी। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद एक दिन की रिमांड में लिया था। थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया कि सटोरियों ने पूछताछ में अहम राज उगले है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई कि सट्टे की मास्टर आईडी दिलीप खत्री और संजय खत्री से लेते थे। इसके बाद उसने अपने अधीन एजेंटों का एक पूरा सिंडिकेट बना रखा था, जिसमें अंकुश शिवहरे, विशाल सराफ, राहुल ललवानी, अंकित सोनकर और विवेक गुप्ता जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी आईडी और पासवर्ड बांटकर खिलाडिय़ों से हार-जीत का दांव लगवाते थे और मैच के बाद नगद लेनदेन करते थे। अब सट्टे के नेटवर्क के अन्य एजेंटों और मुख्य सरगना दिलीप व संजय खत्री की तलाश में है।
