नई दिल्ली | नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई यात्रियों के हितों में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए नए ‘लुक-इन’ पीरियड प्रावधान को मंजूरी दे दी है। इस नियम के तहत अब यात्री अपनी टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उसे रद्द या संशोधित (Amend) कर सकते हैं। अक्सर देखा जाता था कि एयरलाइंस रिफंड के नाम पर भारी कटौती करती थीं, लेकिन अब बुकिंग के शुरुआती 48 घंटों में कैंसिलेशन फीस शून्य होगी। यह सुविधा उन घरेलू उड़ानों पर लागू होगी जिनकी यात्रा की तारीख बुकिंग से कम से कम 7 दिन बाद की हो, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह अंतर 15 दिन का होना अनिवार्य है।
डीजीसीए ने न केवल कैंसिलेशन चार्ज खत्म किया है, बल्कि रिफंड मिलने की प्रक्रिया को भी पारदर्शी और तेज बना दिया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस को हर हाल में 14 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि भुगतान क्रेडिट कार्ड से किया गया है, तो पैसा 7 दिनों के भीतर वापस मिलना अनिवार्य है। इसके अलावा, यदि यात्री ने अपनी टिकट किसी ट्रैवल एजेंट के माध्यम से भी बुक की है, तब भी रिफंड समय पर सुनिश्चित करने की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित एयरलाइन की ही होगी। नाम में सुधार जैसी छोटी गलतियों के लिए भी अब बुकिंग के 24 घंटे के भीतर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारतीय विमानन क्षेत्र में ‘ईज ऑफ ट्रैवल’ (Ease of Travel) को बढ़ावा मिलेगा और एयरलाइंस की मनमानी पर लगाम लगेगी। यह संशोधन उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा जिनसे बुकिंग के समय मानवीय त्रुटि हो जाती है या जिन्हें अचानक योजना बदलनी पड़ती है। यदि यात्री टिकट की तारीख बदलता है, तो उसे केवल किराए का अंतर (Fare Difference) देना होगा, कोई अलग से जुर्माना नहीं। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव देना और विमानन सेवाओं को अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनाना है।

