तेल अवीव | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के एक नए स्वर्ण युग की घोषणा की है। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नेसेट में दिया गया पहला संबोधन था। पीएम मोदी ने बताया कि भारत और इजराइल एक व्यापक ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, लेकिन अभी भी इसमें अपार संभावनाएं छिपी हैं। नई द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) से दोनों देशों के व्यापारियों को अधिक सुरक्षा और निवेश के नए अवसर प्राप्त होंगे।
इजराइल को ‘स्टार्टअप नेशन’ बताते हुए प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी में भविष्य के सहयोग की रूपरेखा साझा की। उन्होंने ‘iCreate’ इनक्यूबेटर की सफलता को रेखांकित करते हुए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया। कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखते हुए पीएम ने घोषणा की कि भारत में इजराइली सहयोग से चलने वाले ‘उत्कृष्टता केंद्रों’ (Centres of Excellence) की संख्या 43 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। इससे करोड़ों भारतीय किसानों को इजराइल की आधुनिक जल प्रबंधन और सूक्ष्म सिंचाई तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और I2U2 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से वैश्विक संपर्क बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वैश्विक व्यापार के साथ-साथ आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर भी कड़ा रुख अपनाया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय शांति के लिए जारी प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और इजराइल की साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक भाषण के बाद इजराइली सांसदों ने खड़े होकर पीएम मोदी का अभिवादन किया।

