नई दिल्ली | टीम इंडिया के पूर्व स्टार क्रिकेटर शिखर धवन को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दूसरी शादी के महज दो दिन बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को निर्देश दिया है कि वह ऑस्ट्रेलियाई प्रॉपर्टी सेटलमेंट से प्राप्त $5.72$ करोड़ रुपये वापस करें। जज देवेंदर कुमार गर्ग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह समझौता आयशा द्वारा धवन को धमकाकर और धोखाधड़ी के जरिए हासिल किया गया था। कोर्ट ने आयशा को आदेश दिया है कि वह इस मूल राशि के साथ केस फाइल करने की तारीख से $9$ प्रतिशत सालाना ब्याज भी अदा करें।
पटियाला हाउस कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक आदेश में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई अदालत को इस कपल के वैवाहिक विवादों और भारत में स्थित संपत्तियों पर फैसला सुनाने का कोई अधिकार नहीं है। धवन ने दलील दी थी कि आयशा ने उन्हें झूठे आरोपों की धमकी देकर भारत में अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को अपने नाम करने के लिए मजबूर किया था। कोर्ट ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई अदालत का संपत्ति बंटवारे का आदेश हिंदू विवाह अधिनियम और भारतीय कानूनों का उल्लंघन है, इसलिए भारतीय अदालत उस विदेशी आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
शिखर धवन और आयशा मुखर्जी ने 2012 में शादी की थी, लेकिन 2020 से उनके रिश्तों में दरार आ गई और 2023 में उनका तलाक हो गया। धवन ने अपनी याचिका में बताया था कि आयशा ने उनका क्रिकेट करियर खराब करने की धमकी देकर उन पर वित्तीय दबाव बनाया था। क्रिकेट को अलविदा कह चुके धवन ने भारत के लिए $167$ वनडे और $34$ टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है। इस अदालती जीत को धवन के लिए एक बड़ी मानसिक और वित्तीय राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनकी पूर्व पत्नी के उन पर दबाव बनाने के प्रयासों को झटका लगा है।

