
443 करोड़ की वसूली का जवाब, 500 एकड़ की खदान 2 महीने में कैसे माप सकते
कटनी। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी फर्मों से 443 करोड़ की वसूली को लेकर विधानसभा में शासन ने कांग्रेस विधायक के सवाल पर जवाब दिया।
इस मामले पर विधायक संजय पाठक ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अफसरों ने अनुमान के आधार पर प्रतिवेदन बनाया है। जब कंपनी के दस्तावेज देखें जाएंगे तो सब साफ हो जाएगा।
*विधायक ने क्या कहा*
सवाल: आपसे जुड़ी 3 कंपनियों से 443 करोड़ की रिकवरी होगी ?
संजय पाठक: अभी जो प्रतिवेदन प्रस्तुत हुआ है । अधिकारियों ने जो प्रतिवेदन बनाया है वो 90 साल पुरानी 1936 की खदान है। हमारा परिवार 1910 से माइनिंग में आया है, अभी जो मामला बनाया है वो ओवर प्रोडक्शन का केस बनाया है। इन्होंने विक्रय के आधार पर केस बना दिया है । जो बिक्री हुई और जो प्रोडक्शन हुआ उसमें जो अंतर है उसके आधार पर केस बनाया है। जब कंपनियों की तरफ से जवाब दिया जाएगा तो बात साफ हो जाएगी।
अन्य व्यवसाय को मिलाकर मेरा परिवार 125 साल से व्यवसाय के क्षेत्र में है। करीब 110–115 सालों से परिवार माइनिंग के क्षेत्र में है। आज तक कोई कर चोरी, अवैध खनन, रॉयल्टी चोरी या अनियमितता की कोई शिकायतें नहीं हुई । प्रदेश में व्याप्त चर्चाओं और विशेषज्ञों के अनुसार खनन कारोबार में अनियमितताएँ आम बात है । शिकंजा उसी पर कसता है जिससे सरकारें नाराज होती हैं, जैसे मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में स्लीमनाबाद की एक खादान के रातों रात सीमांकन और मैपिंग में उस समय 27 करोड़ रॉयल्टी चोरी का मामला बनाया गया था, जिसकी शिकायत स्लीमनाबाद थाने में भी दर्ज करवाई गई थी, राजस्थान से आकर माइनिंग करने वाले एक अग्रवाल बन्धु जिनका प्रदेश में मेडिकल कॉलेज भी चलता है। ये बात अलग है कि उक्त रॉयल्टी आज दिनांक तक जमा नहीं हुई, न्यायालय कलेक्टर के यहां आज भी केस चल रहा है, जिसमें जबलपुर से एक बड़े वकील साहब पेशी में आते हैं, और उपकृत कर जाते हैं सम्बन्धितों को।
