
सीधी/कुसमी। जिले के कुसमी में पुजारी की निर्मम हत्याकांड के आरोपी स्थाईकर्मी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग मझौली को कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी के आदेश पर एसडीएम मझौली की मोहर लगने के बाद सेवा से पृथक कर दिया गया है।
यहां बताते चलें कि सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र से जुड़े आपराधिक प्रकरण में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एक स्थायीकर्मी के विरुद्ध बड़ा निर्णय लिया है। कार्यालय कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सीधी द्वारा जारी आदेश के अनुसार कामता प्रसाद केवट पिता स्व.अवधलाल केवट जो ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग मझौली में पदस्थ थे को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया है। आदेश बीती रात जारी हुआ, जिस पर आज एसडीएम द्वारा मोहर लगाए जाने के बाद यह औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गया। वही जारी आदेश में उल्लेख है कि थाना प्रभारी कुसमी के पत्र क्रमांक 223/2026 दिनांक 19.02.2026 के माध्यम से अपराध क्रमांक 29/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत दर्ज प्रकरण में श्री केवट की गिरफ्तारी की सूचना प्राप्त हुई थी। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग मझौली द्वारा भी 19.02.2026 को गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। प्रतिवेदन के अनुसार श्री केवट को 16.02.2026 से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल सीधी में निरुद्ध किया गया है।
प्रशासनिक आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि श्री केवट का कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के तहत कदाचरण एवं अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। कार्यपालन यंत्री सी.एल.साकेत के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वही इस कार्रवाई के बाद विभागीय एवं प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि शासन की सेवा शर्तों एवं आचरण नियमों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कठोर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रशासनिक अनुशासन और कानून व्यवस्था बनी रहे।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार कुसमी थाना में अपराध क्रमांक 29/2026 के तहत दर्ज प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कामता प्रसाद केवट को गिरफ्तार किया। न्यायालय से न्यायिक रिमांड मिलने के बाद आरोपी वर्तमान में जिला जेल सीधी में निरुद्ध है, जबकि प्रकरण की विवेचना जारी है।
क्षेत्रवासियों में व्याप्त था आक्रोश
महाशिवरात्रि के दिन कुसमी अंचल के मंदिर के पुजारी इंद्रभान द्विवेदी की हुई हत्या से गांव में दुख और आक्रोश फैल गया था। परिजन और गांव वाले इस घटना को लेकर बेहद आक्रोशित हो गये थे। उनका कहना था कि ऐसे पावन दिन पर इस तरह की वारदात किसी को भी स्वीकार नही। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। उन्होंने मृतक पुजारी के शव को मुख्य सडक़ पर रखकर चक्काजाम कर दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक आरोपी पर सख्त धाराओं में कार्रवाई नहीं की जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
