रायपुर, 24 फरवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल संपर्क और रोजगार के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में संकल्प थीम पर यह बजट प्रस्तुत किया।
बजट प्रस्ताव के मुताबिक सरकार ने इस वर्ष कुल व्यय 1.72 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किया है, जिसमें राजस्व व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपए रखा गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी। बजट में पूंजी निवेश के लिए केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता को 4,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 8,500 करोड़ रुपए किया गया है, जिससे बड़े बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2.87 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है, जो संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है और राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत देता है।
छत्तीसगढ़ के बजट में सामाजिक क्षेत्र को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए कुल व्यय का 40 प्रतिशत प्रावधान किया गया है, जबकि आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए 36 फीसदी और प्रशासनिक एवं सामान्य सेवाओं के लिए 24 फीसदी राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14,300 करोड़ रुपए का विशेष ग्रीन बजट का भी प्रावधान किया गया है।
बजट में सरगुजा, बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है। बस्तर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाकों में दो “एजुकेशन सिटी” स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं।
बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो। इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत जगदलपुर में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी, ताकि दूरस्थ इलाकों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में मिल सके। सिंचाई क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए इंद्रावती नदी पर लगभग 2024 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण की योजना घोषित की गई है। इससे बस्तर क्षेत्र में लगभग 32 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ लागू की जाएगी, वहीं उनके सामाजिक सशक्तिकरण के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
बजट में ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता और कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, वहीं भूमिहीन कृषि परिवारों के समर्थन के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
बजट में शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उपचार के दौरान अस्पताल में नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
बजट में मुख्यमंत्री मिशन मोड-पांच, पहल के तहत इन मिशनों के लिए अगले पांच वर्षों तक प्रत्येक मिशन हेतु न्यूनतम 100–100 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री एआई मिशन के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन तथा प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, आधुनिक खेल अधोसंरचना का विकास और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
इसी तरह मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत पर्यटन स्थलों और थीम आधारित सर्किट का विकास, सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य में सड़कों, भवनों और अन्य बुनियादी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के अंतर्गत युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने, तकनीकी एवं औद्योगिक कौशल प्रदान करने और उन्हें भविष्य की नयी तकनीकों के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
