ढाका | बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने रविवार को एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मंजूरुल इस्लाम को क्रिकेट से जुड़ी सभी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व महिला कप्तान जहाँआरा आलम द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों की जांच के बाद की गई है। बोर्ड की स्वतंत्र जांच समिति ने पाया कि मंजूरुल का व्यवहार पेशेवर मानकों के विपरीत था और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत उत्पीड़न की श्रेणी में आता था। हालांकि कुछ आरोपों के पर्याप्त सबूत नहीं मिले, लेकिन दो प्रमुख मामलों में उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य पाए गए।
जहाँआरा आलम ने आरोप लगाया था कि 2022 महिला वर्ल्ड कप के दौरान मंजूरुल इस्लाम ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। उस समय मंजूरुल महिला टीम के चयनकर्ता और मैनेजर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड ने अब उनके किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्रिकेट गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगा दी है। बीसीबी ने स्पष्ट किया है कि वह रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा कर रहा है और अनुशासन बनाए रखने के लिए भविष्य में और भी कड़े कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
इस विवाद के बीच, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए ‘विमेंस बांग्लादेश प्रीमियर लीग’ (WBPL) के पहले संस्करण के शेड्यूल को भी हरी झंडी दे दी है। यह टूर्नामेंट 4 से 14 अप्रैल 2026 तक ढाका और चटगांव के मैदानों पर खेला जाएगा। बोर्ड का मानना है कि अनुशासन पर कड़ी कार्रवाई और नए टूर्नामेंट्स की शुरुआत से देश में महिला क्रिकेट के प्रति विश्वास और सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा। मंजूरुल का अनुबंध जून 2025 में समाप्त हो चुका था, लेकिन इस बैन के बाद उनके करियर पर पूर्ण विराम लग गया है।

