
जबलपुर। शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में पत्रकार को हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने याचिकाकर्ता पत्रकार को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया है।
बैतूल निवासी पत्रकार आशीष वर्मा की तरफ से दायर किये गये अग्रिम जमानत आवेदन में कहा गया था कि रानीपुर थानान्तर्गत धान तुलाई में अनियमितताओं के विरोध में कृषक प्रदर्शन कर रहे थे। जिसकी कवरेज करने पत्रकार भी पहुंचे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुँच गये थे। प्रशासन द्वारा लोक सेवक की आज्ञा की अवहेलना तथा आक्रमण करने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का अपराध दर्ज कर दिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 119(1), 132 एवं 3(5) के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया था।
याचिकाकर्ता की तरफ से राज्य शासन द्वारा जारी विभिन्न परिपत्रों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पत्रकारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देशों का अनुपालन तथा पूर्व-जाँच अनिवार्य है। उनके मामले में बिना किसी जांच के ही मामला दर्ज किया गया, जो प्रेस की स्वतंत्रता के प्रतिकूल है। इस अपराध की अधिकतम सजा दो वर्ष कारावास की है, अतः हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। वह निर्दोष है और उसे झूठे मामले में उलझाया गया है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता पत्रकार को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान कर दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी, असीम त्रिवेदी एवं अनिल गौतम ने पैरवी की।
