बागली: ग्राम पलासी स्थित आदिवासी कन्या आश्रम में शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद हॉस्टल अधीक्षक नियमित रूप से रात्रि निवास नहीं कर रही हैं। 13 फरवरी 2025 को जनजाति कार्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए अधीक्षकों के रात्रि विश्राम को अनिवार्य बताया था। इसके बावजूद अधीक्षिका शाम होते ही बागली स्थित निवास लौट जाती हैं। शनिवार रात हॉस्टल में अचानक बच्चियों के रोने और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के ग्रामीण और राहगीर इकट्ठा हो गए।
मामले की शिकायत देवास के अधिकारियों तक पहुंची, जिन्होंने बागली के नोडल अधिकारी को सूचना दी। मौके पर पहुंचे शिक्षक ने बच्चियों को शांत कराया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय न तो अधीक्षिका और न ही कोई महिला कर्मचारी हॉस्टल में मौजूद थी। इस घटना ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, लेकिन जिम्मेदार अब लीपापोती में लगे हैं। उधर,बात करने की कोशिश के बाद भी हॉस्टल अधीक्षक से बात नहीं हो पाई।
