नई दिल्ली, 10 दिसंबर, 2025: भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की ताकत को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। टाटा समूह और लॉकहीड मार्टिन ने देश में एक नया रक्षा एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर बनाने की घोषणा की है। यह सुविधा विशेष रूप से आईएएफ के C-130J सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमानों की सर्विसिंग के लिए बनाई जा रही है। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विदेशी सुविधाओं पर भारत की निर्भरता को कम करेगा।
टाटा-लॉकहीड मार्टिन का यह जॉइंट वेंचर भारत की रक्षा रखरखाव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए गेम चेंजर साबित होगा। C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान आईएएफ के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे लद्दाख में फ्रंटलाइन हवाई पट्टियों पर सैनिकों और उपकरणों को तेजी से पहुंचाने के लिए होता है। अब तक इन विमानों को जटिल रखरखाव के लिए विदेश भेजना पड़ता था, जिससे समय और पैसा अधिक खर्च होता था।
नए एमआरओ केंद्र की स्थापना से आईएएफ को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि उसके C-130J बेड़े की फिजिकल अवेलेबिलिटी ज्यादा बनी रहे। यह सुविधा न सिर्फ आईएएफ की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि देश को एक क्षेत्रीय एमआरओ हब के रूप में भी स्थापित कर सकती है, जहाँ अन्य मित्र देशों के C-130J विमानों का भी रखरखाव हो सकेगा। यह कदम भारत के रक्षा उद्योग को विश्व स्तर पर मजबूत करेगा।

