नई दिल्ली, 10 दिसंबर, 2025: उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना अहम और निर्णायक फैसला सुनाने जा रहा है। यह आदेश लगभग 29 एकड़ रेलवे भूमि पर बसे अतिक्रमण को लेकर अंतिम रूप देगा। पूरे देश की निगाहें इस आदेश पर टिकी हैं, क्योंकि यह न केवल स्थानीय लोगों के भविष्य को तय करेगा, बल्कि रेलवे भूमि प्रबंधन और अतिक्रमण के मामलों पर एक बड़ी कानूनी मिसाल भी स्थापित कर सकता है।
फैसले के मद्देनजर नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र में आरपीएफ, पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और उत्तराखंड पुलिस को भारी संख्या में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को ‘जीरो जोन’ घोषित कर दिया है, जिसका अर्थ है कि यहाँ किसी भी तरह की भीड़ या अनधिकृत गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील जगहों पर सघन चेकिंग, बैरिकेडिंग और लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए, बीडीएस (बम निरोधक दस्ते) टीमों ने एंटी-सबोटाज ऑपरेशन भी शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा, बनभूलपुरा में लगभग 45 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है।

