नई दिल्ली, 10 दिसंबर, 2025: भारत आज फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अरब सागर के ऊपर एक बड़ा वायु युद्ध अभ्यास करेगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक इंडो-पैसिफिक में त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना और सैन्य तालमेल बढ़ाना है। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) अपने सुखोई-30एमकेआई और जगुआर लड़ाकू विमानों के साथ आईएल-78 एयर टैंकर और एडब्ल्यूएसी विमानों को तैनात करेगी।
इस अभ्यास के लिए फ्रांस और यूएई की ओर से राफेल और मिराज लड़ाकू विमान भाग लेंगे। भारत ने यह अभ्यास 10 और 11 दिसंबर को आयोजित किया है, जो पाकिस्तान के कराची से केवल 200 नौटिकल मील दूर है। भारत का यह कदम क्षेत्र के देशों, खासकर खाड़ी देशों, के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने की उसकी नीति को दर्शाता है। इससे पहले तीनों देशों ने दिसंबर 2024 में डेजर्ट नाइट नामक वायु युद्ध अभ्यास भी किया था।
एक अधिकारी के अनुसार, द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में लड़ाकू कौशल, रणनीति और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन तीनों देशों की नौसेनाओं ने जून 2023 में पहला त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास किया था। 2022 में शुरू किए गए त्रिपक्षीय ढांचे के तहत, ये देश रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और पर्यावरण समेत कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

