नई दिल्ली, 10 दिसंबर, 2025: विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council – WGC) के अनुसार, मानव सभ्यता की शुरुआत से लेकर अब तक धरती से कुल 2.16 लाख टन सोना निकाला जा सका है। WGC ने यह आंकड़ा साल 2024 के अंत तक का दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक निकाले गए कुल सोने का 66 प्रतिशत हिस्सा तो सिर्फ 1950 के बाद से निकाला गया है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, धरती के गर्भ में अब बहुत ज्यादा सोना नहीं बचा है। धरती में अब सिर्फ 54 हजार से 70 हजार टन सोना ही मौजूद है। USGS के अनुसार, खनन की मौजूदा स्पीड (हर साल 3,000 टन) से आने वाले 20 साल में धरती से ज्ञात सोने का भंडार पूरी तरह खत्म हो सकता है। हालांकि, नई टेक्नोलॉजी से भविष्य में नई खदानें मिलने की उम्मीद है।
सोने के भंडार की बात करें तो रूस और ऑस्ट्रेलिया के पास सबसे ज्यादा सोना है, दोनों के पास लगभग 12-12 हजार टन गोल्ड रिजर्व है। वहीं, निकाले गए कुल सोने का 45% हिस्सा गहनों में, 22% सिक्कों और बार बनाने में, और करीब 17% केंद्रीय बैंकों में सुरक्षित रखा गया है। चूंकि यह भंडार सीमित है, इसलिए इसकी कीमत और महत्व भविष्य में बढ़ने की संभावना है।

