भारत के स्पेसटेक की उड़ानको मिले नए पंख, एसवीसीएल ने 1,600 करोड़ रुपए के अंतरिक्ष वीसी फंड उपलब्ध कराए

मुंबई, 18 नवंबर। सिडबी के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी सिडबी वेंचर कैपिटल लिमिटेड (एसवीसीएल) ने अंतरिक्ष वेंचर कैपिटल फंड (एवीसीएफ) की पहली क्लोजिंग 1,005 करोड़ रुपए पर करने की घोषणा की है। इन स्पेसई (IN-SPACe) ने एंकर निवेशक के रूप में1,000 करोड़ रुपए देने की प्रतिबद्धता जताई है।

एवीसीएफ 10 साल की अवधि वाला एक श्रेणी II एआईएफ (केटेगरी II एआईएफ) है। यह फंड भारतीय स्पेसटेक स्टार्टअप्स को शुरुआती और ग्रोथ स्टेज पर सहयोग देगा। यह उन कंपनियों में निवेश करेगा जो लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट, पेलोड, इन-स्पेस और ग्राउंड सेवाओं, पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation), संचार और अन्य अंतरिक्ष से संबंधित टेक पर काम कर रही हैं। यह एसवीसीएल का 12वां वेंचर कैपिटल फंड है। यह फंड भारत में 2033 तक 44 अरब अमेरिकी डॉलर की अंतरिक्ष ईकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

इस फंड का पूरा साइज 1,600 करोड़ रुपए है। इन स्पेसई (IN-SPACe) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, एसवीसीएल ने पहली क्लोजिंग की घोषणा की है। एसवीसीएल अब ग्रीन-शू विकल्प के माध्यम से घरेलू और इंटरनेशनल निवेशकों से फंड जुटाएगा। इसमें जिनमें संस्थागत और सॉवरेन निवेशक शामिल हैं।

एसवीसीएल के प्रयास भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और एमएसएमई को सहयोग देने के सिडबी के मिशन के अनुरूप हैं। यह फंड भारत को स्पेस विजन 2047 के करीब ले जाने में मदद करेगा। इससे प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा मिलेगा। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।

एसवीसीएल के एमडी और सीईओ श्री अरूप कुमार ने कहा, “एसवीसीएल ने 1999 में नेशनल वेंचर फंड फॉर सॉफ्टवेयर एंड आईटी इंडस्ट्री के साथ अपनी यात्रा शुरू की। वर्षों से, हमारे फंडों ने “बिल डेस्क’ और “डेटा पैटर्न’ जैसे यूनिकॉर्न सहित कई श्रेणी-परिभाषित कंपनियों को समर्थन दिया है। अंतरिक्ष वेंचर कैपिटल फंड भारत का सबसे बड़ा स्पेसटेक-केंद्रित फंड है। यह वैश्विक स्तर पर भी सबसे बड़े फंडों में से एक है,। यहभारत की अंतरिक्ष क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।”

Next Post

फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ा, जंगली जानवरों और जलभराव से हुए किसानों के नुकसान की होगी भरपायी

Tue Nov 18 , 2025
नयी दिल्ली, 18 नवंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में अब जंगली जानवरों और धान जलभराव के कारण फसल के होने वाले नुकसान को भी शामिल कर लिया गया है। इससे संबंधित नयी प्रक्रियाएं खरीफ 2026 के सत्र से लागू होंगी। यह जानकारी मंगलवार को यहां जारी एक […]

You May Like