नयी दिल्ली, 21 मार्च (वार्ता) पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने स्पष्ट किया है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 से पहले कमेंट्री की जिम्मेदारियों से हटने के उनके फैसले में न तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का और न ही मौजूदा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह का कोई हाथ था।
शिवरामकृष्णन ने कहा, “बीसीसीआई प्रशासन को इस मामले में मत घसीटो। यह बीसीसीआई के एक कर्मचारी के साथ मेरा सीधा मामला है। जय शाह और उनकी टीम का इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। मैं अपनी जिंदगी का कंट्रोल अपने हाथों में ले रहा हूं और मुझे लगता है कि मुझे ऐसा करने का हक है।”
इस पूर्व लेग-स्पिनर ने हाल ही में बीसीसीआई के साथ कमेंटेटर के तौर पर अपनी लंबे समय से चली आ रही भूमिका को छोड़ने के अपने फैसले का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि दो दशकों से ज़्यादा समय तक कमेंट्री पैनल से जुड़े रहने के बावजूद उन्हें भेदभाव और पर्याप्त मौकों की कमी का सामना करना पड़ा। शिवरामकृष्णन ने बताया कि टॉस प्रेजेंटेशन और मैच के बाद के सेगमेंट जैसे अहम ऑन-एयर कामों के लिए अक्सर उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता था।
उन्होंने कहा, “मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से रिटायर हो रहा हूं। अगर 23 सालों में मुझे टॉस और प्रेजेंटेशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया और नए लोग आकर पिच रिपोर्ट, टॉस और प्रेजेंटेशन करते हैं, तब भी जब (रवि) शास्त्री कोचिंग दे रहे थे, तो आपको क्या लगता है कि इसकी वजह क्या हो सकती है।”
उन्होंने कहा, “बीसीसीआई के अधिकार रखने वाली कंपनी का स्तर कैसे गिरता है कोई अंदाजा। मेरा रिटायरमेंट कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। लेकिन टीवी प्रोडक्शन की एक कहानी सामने आ रही है। जल्द ही आपको पूरी तस्वीर साफ नजर आएगी।”
